औरैया-फर्जी दरोगा बनकर बिजली चोरी के आरोपी से 15 हजार वसूलने की कोशिश

SHARE:

बिजली चोरी के मामले में कार्रवाई से बचाने का झांसा देकर एक उपभोक्ता से 15 हजार रुपये की मांग करने वाले साइबर ठग गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। आरोपियों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर बिजली चोरी का मुकदमा खत्म कराने के नाम पर रुपये मांगे थे। साइबर थाना पुलिस ने फर्जी दरोगा समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मामला औरैया कोतवाली क्षेत्र का है। 20 अगस्त को प्रवर्तन दल की टीम ने ग्राम निगड़ा में चेकिंग के दौरान ओमकांत चतुर्वेदी को बिजली चोरी करते पकड़ा था। अगले दिन उसके खिलाफ थाना विद्युत चोरी निरोधक में भारतीय विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमा दर्ज होने के अगले दिन 22 अगस्त को ओमकांत के मोबाइल पर अज्ञात नंबर से फोन आया। ट्रूकॉलर पर कॉल करने वाले का नाम ‘दरोगा कृष्णकांत प्रजापति’ दिखाई दे रहा था। आरोपी ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए मुकदमा खत्म कराने के बदले 15 हजार रुपये मांगे और व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड भेज दिया। उपभोक्ता ने इसकी जानकारी विद्युत विभाग के अवर अभियंता को दी, जिसके बाद साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर साइबर थाना प्रभारी राजीव कुमार और उपनिरीक्षक हेमंत चौधरी की टीम ने मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर क्षेत्र से कृष्णकांत यादव निवासी ज्योरामोरा और मोहित यादव निवासी गोवा पश्चिम को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए गए तीन एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए।
ऐसे करते थे ठगी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका एक साथी ऑनलाइन माध्यम से दर्ज मुकदमों में शामिल आरोपियों के नाम, पते और मोबाइल नंबर जुटाकर उन्हें उपलब्ध कराता था। इसके बाद वे फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर संबंधित लोगों को फोन करते और मुकदमा खत्म कराने के नाम पर रकम मांगते थे। रुपये फर्जी तरीके से खुलवाए गए बैंक खातों में क्यूआर कोड के जरिए मंगाए जाते थे।
साइबर थाना पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने कृष्णकांत यादव और मोहित यादव को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मामले में गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई