जनशिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता और शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शिकायतों का वास्तविक समाधान किए बिना निस्तारण दिखाने और बार-बार निर्देशों के बावजूद सुधार नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल अजीत कुमार ने मंगलवार को ऑनलाइन जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के बाद मिले असंतुष्ट फीडबैक की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। उत्तर प्रदेश जल निगम-ग्रामीण और कृषि विभाग में असंतुष्ट फीडबैक की अधिक संख्या मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने कहा कि जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत का निस्तारण दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान और उसकी संतुष्टि भी जरूरी है। इसके लिए अधिकारी प्रकरणों की गंभीरता से जांच करें और आवश्यकता पड़ने पर स्थलीय सत्यापन कराकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मंडलीय बैठकों और अन्य माध्यमों से लगातार निर्देश दिए जाने के बावजूद असंतुष्ट फीडबैक में अपेक्षित सुधार नहीं होना गंभीर विषय है। आगामी माह में जिन मंडलीय अधिकारियों के अधीन निस्तारित शिकायतों के सापेक्ष 20 प्रतिशत से अधिक असंतुष्ट फीडबैक मिलेगा, उनके विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि अथवा अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त अजीत कुमार ने ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि असंतुष्ट शिकायतों के कारणों का विश्लेषण कर उनका दोबारा परीक्षण कराया जाए। जरूरत पड़ने पर शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर उनकी समस्याओं का वास्तविक समाधान किया जाए। निस्तारण की आख्या स्पष्ट, तथ्यपरक और कार्रवाई के साक्ष्यों पर आधारित होनी चाहिए। जल निगम-ग्रामीण और कृषि विभाग के अधिकारियों को विशेष रूप से विभागवार और प्रकरणवार समीक्षा कर सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही लंबित समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने और अधीनस्थ अधिकारियों के कामकाज की नियमित निगरानी करने को कहा गया। जवाबदेही तय करने के निर्देश
आयुक्त ने मंडलीय अधिकारियों को अपने अधीनस्थ जनपद स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और निर्धारित समयसीमा में उनकी समस्याओं का समाधान हो। जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगले माह फिर होगी समीक्षा
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जनशिकायतों का संतुष्टिपरक निस्तारण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। आगामी माह में असंतुष्ट फीडबैक की स्थिति की फिर समीक्षा की जाएगी। निर्धारित मानक से अधिक असंतुष्ट फीडबैक मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।