जनशिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ताओं को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। भूमि विवाद, पैमाइश, बंटवारा और कथित फर्जी बैनामे से जुड़े मामलों में अभिलेखों की जांच कर तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
चित्रकूट जनपद के थाना कर्वी में शनिवार को आयोजित समाधान दिवस में आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल अजीत कुमार और डीआईजी राजेश एस ने शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनीं। इस दौरान राजस्व एवं पुलिस से संबंधित कुल 13 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें भूमि विवाद, पैमाइश, बंटवारा और कथित फर्जी बैनामे के मामले शामिल रहे।
आयुक्त और डीआईजी राजेश एस ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। भूमि विवाद के मामलों में आवश्यकता के अनुसार राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर स्थलीय जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जा सके। आयुक्त अजीत कुमार ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करने के साथ ही उपलब्ध अभिलेखों और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाए, जिससे अनावश्यक विवाद और कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
संबंधित अधिकारियों को की गई कार्रवाई की अनुपालन आख्या आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से निर्धारित समयसीमा में शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। 13 शिकायतों पर हुई सुनवाई
समाधान दिवस में राजस्व एवं पुलिस से संबंधित कुल 13 शिकायतें प्राप्त हुईं। अधिकारियों को सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। संयुक्त जांच से होगा विवादों का समाधान
भूमि विवाद से जुड़े मामलों में जरूरत के अनुसार राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम से स्थलीय जांच कराने और कार्रवाई की अनुपालन आख्या आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया।