बाँदा-जनसुनवाई की ऑनलाइन मॉनिटरिंग से अधिकारियों पर कसी लगाम

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मंडल में जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण और तहसील स्तर पर समय से जनसुनवाई सुनिश्चित कराने के लिए कमिश्नर ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत मंडल की तहसीलों में सुबह 10 से 12 बजे तक होने वाली जनसुनवाई की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है। कमिश्नर अजीत कुमार खुद गूगल मीट के माध्यम से एसडीएम और तहसीलदार स्तर के अधिकारियों से जुड़कर जनसुनवाई की स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। कमिश्नर द्वारा अधिकारियों की ऑनलाइन अटेंडेंस भी ली जा रही है। जनसुनवाई के दौरान वह अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने के साथ ही फरियादियों को संबंधित अधिकारियों से सीधे रूबरू कराकर उनकी समस्याओं की जानकारी भी ले रहे हैं। इससे तहसीलों में अधिकारियों की मौजूदगी और जनसुनवाई की व्यवस्था को लेकर गंभीरता बढ़ी है। बता दें कि विगत सप्ताह कमिश्नर अजीत कुमार ने मंडल के अधिकारियों को सुबह 10 से 12 बजे तक अपने कार्यालय में बैठकर जनसुनवाई करने के साथ गूगल मीट के माध्यम से मंडल स्तर पर जुड़ने के निर्देश दिए थे। साथ ही बिना सूचना के जनसुनवाई से अनुपस्थित नहीं रहने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इस व्यवस्था का असर यह हुआ है कि तहसीलों में समय से जनसुनवाई होने के चलते अपनी समस्याएं लेकर कमिश्नरी पहुंचने वाले फरियादियों की संख्या में अचानक कमी आई है। कमिश्नर की ऑनलाइन मॉनिटरिंग से तहसील स्तर पर ही शिकायतों के समाधान की व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।
ऑनलाइन मॉनिटरिंग से बढ़ी जवाबदेही
कमिश्नर अजीत कुमार ने स्पष्ट किया है कि जनसुनवाई के समय बिना सूचना के अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। अधिकारियों को निर्देशों का गंभीरता से पालन करने और फरियादियों की समस्याओं के निस्तारण में लापरवाही न बरतने को कहा गया है।
तहसील स्तर पर समाधान पर जोर
नई व्यवस्था का कमिश्नर अजीत कुमार का उद्देश्य फरियादियों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए मंडल मुख्यालय आने से बचाना और संबंधित तहसील में ही उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान कराना है।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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