सब्जी बेचकर पैदल घर लौट रहे व्यक्ति को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। गंभीर रूप से कुचले जाने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। मुआवजे और कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन पर जाम खुल सका।
गिरवां थाना क्षेत्र के पिथौराबाद निवासी गनेश उर्फ लालाराम 40 पुत्र रामऔतार गिरवां में सब्जी बेचता था। बुधवार रात दुकान बंद करने के बाद वह पैदल अपने घर जा रहा था। गिरवां थाने के पास पहुंचते ही सामने से आए तेज रफ्तार ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में गनेश की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर भागने का प्रयास कर रहा था, लेकिन ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया। उधर, हादसे की खबर मिलने पर मृतक के परिजन और ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। मुआवजे और चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर उन्होंने सड़क पर जाम लगा दिया।
जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे मांग पूरी होने तक हटने को तैयार नहीं हुए। बाद में उच्चाधिकारियों और एसडीएम अंजनी यादव ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के चचेरे भाई राजकुमार ने बताया कि गनेश अपने पिता की इकलौती संतान था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वह पत्नी कमला, तीन बेटियों और एक बेटे को पीछे छोड़ गया है। नो एंट्री लागू कराने की मांग
हादसे के बाद ग्रामीणों ने एसडीएम अंजनी यादव को ज्ञापन सौंपकर खत्री पहाड़ से गिरवां के बीच भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक नो एंट्री लागू की जाए। इस मार्ग पर कई स्कूल स्थित हैं, जहां छात्र-छात्राओं का आवागमन रहता है। इसके अलावा खत्री पहाड़ में देवी दर्शन के लिए श्रद्धालु और क्षेत्रीय किसान भी दिनभर आते-जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रकों के लगातार आवागमन से हादसे का खतरा बना रहता है। एसडीएम ने मांग से संबंधित अधिकारियों को अवगत कराने का भरोसा दिया। परिवार में मचा कोहराम
गनेश की मौत की खबर घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों में भी आक्रोश रहा। प्रशासन की ओर से कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद स्थिति सामान्य हुई।