मंदाकिनी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। नदी का पानी खतरे के निशान से कई मीटर ऊपर पहुंच चुका है। रामघाट क्षेत्र में पानी तेजी से फैलने के कारण मंदिरों और घरों में लोग फंस गए हैं। तेज बहाव के बीच नावों की मदद से लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान चलाया जा रहा है।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर 135 मीटर से ऊपर पहुंच गया है, जबकि रामघाट पर खतरे का निशान 126 मीटर है। यानी नदी खतरे के निशान से करीब नौ मीटर ऊपर बह रही है। बताया जा रहा है कि यह जलस्तर वर्ष 2003 और पिछले साल आई बाढ़ के स्तर से भी अधिक है। रामघाट क्षेत्र में बाढ़ का पानी मतगजेंद्रनाथ मंदिर समेत आसपास के मंदिरों और घरों में घुस गया है। कई लोग पानी में फंस गए हैं। तेज बहाव के बीच नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। घाट और आसपास का इलाका बाढ़ के पानी में डूबा नजर आ रहा है। मध्य प्रदेश की बारिश से बढ़ी मुश्किल
चित्रकूट में बारिश रुकने के बावजूद मंदाकिनी का जलस्तर कम नहीं हुआ है। इसका प्रमुख कारण मध्य प्रदेश के जलग्रहण क्षेत्र में जारी बारिश को बताया जा रहा है। नदी में लगातार पानी आने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन और बचाव टीमें मौके पर
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी और बचाव टीमें मौके पर डटी हुई हैं। सीडीओ, एडीएम और एसडीएम स्तर के अधिकारी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। फंसे लोगों को निकालने के साथ ही प्रभावित लोगों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था भी की जा रही है।
मंदाकिनी के रौद्र रूप के कारण रामघाट समेत आसपास के क्षेत्रों में लोगों में दहशत का माहौल है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।