शराब ठेके पर काम करने वाले सेल्समैन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सोमवार सुबह उसका शव ठेके के कमरे में तखत पर पड़ा मिला। घटना की जानकारी होते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
जनपद के बदौसा थाना क्षेत्र में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के पास स्थित देशी और अंग्रेजी शराब के कंपोजिट ठेके में यह घटना हुई। मृतक की पहचान गर्गपुर मौजा चंदौर निवासी दिनेश कुमार प्रजापति (32) पुत्र राममिलन उर्फ लल्लू के रूप में हुई है। घटना की सूचना पर थानाध्यक्ष बदौसा राधाकृष्ण तिवारी और सीओ अतर्रा प्रतिभा सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा भेज दिया है।
परिजनों के अनुसार, सोमवार सुबह जब लोग ठेके पर पहुंचे तो बाहरी बाउंड्री का दरवाजा अंदर से बंद था, जबकि अंदर कमरे का दरवाजा खुला हुआ था। कमरे में तखत पर दिनेश का शव पड़ा मिला। शव मिलने की जानकारी से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। तीन महीने से बंद थे सीसीटीवी कैमरे
मृतक के पिता राममिलन ने आरोप लगाया कि शराब ठेके पर लगे सीसीटीवी कैमरे करीब तीन महीने से बंद थे। उनका आरोप है कि पैसों के लेनदेन को लेकर दिनेश पर दबाव बनाया जाता था और उसे धमकियां भी मिलती थीं। परिजनों का यह भी कहना है कि दिनेश को दिन-रात ठेके पर ही रहने के लिए मजबूर किया जाता था। छह-सात साल से कर रहा था काम
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कमलेश कुमार यादव के मुताबिक, दिनेश अविवाहित था और शारीरिक रूप से दिव्यांग होने के बावजूद करीब छह-सात वर्षों से शराब ठेके पर सेल्समैन का काम कर रहा था। वह अपने पिता का सबसे बड़ा पुत्र था और परिवार का सहारा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा। पुलिस ने फॉरेंसिक साक्ष्य भी जुटाए हैं और परिजनों के आरोपों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।