जनपद नदियों का जलस्तर निरंतर बढ़ रहा है। लेकिन खतरे के निशान से काफी नीचे है। जलस्तर पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए हैं।
जिले में बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार केन नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि यमुना नदी का जलस्तर स्थिर बना हुआ है। हालांकि दोनों नदियां अभी चेतावनी और खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं। अपर जिलाधिकारी कुमार धर्मेंद्र ने बताया कि भूरागढ़ गेज स्टेशन पर केन नदी का जलस्तर 94.30 मीटर दर्ज किया गया, जो बढ़ते रुझान (राइजिंग) में है। यहां चेतावनी स्तर 103.00 मीटर, खतरे का स्तर 104.00 मीटर तथा उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) 113.29 मीटर है। वहीं चिल्लाघाट गेज स्टेशन पर यमुना नदी का जलस्तर 85.23 मीटर रिकॉर्ड किया गया। नदी का जलस्तर स्थिर (कांस्टेंट) बना हुआ है। यहां चेतावनी स्तर 99.00 मीटर, खतरे का स्तर 100.00 मीटर तथा उच्चतम बाढ़ स्तर 105.16 मीटर निर्धारित है। बताया कि प्रशासन की ओर से दोनों नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल किसी प्रकार की बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन केन नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए संबंधित विभाग सतर्क है। वहीं डीएम अमित आसेरी ने सम्बंधित विभाग को नियमित निगरानी बनाये रखने के निर्देश दिए हैं।