साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने 09 जालसाजों को पकड़ा है। अभियुक्तों के कब्जे से साइबर ठगी के 52.47 हजार रुपए नकद,10 मोबाइल फोन,06 एटीएम कार्ड, लैपटॉप,पैनकार्ड आदि बरामद हुए हैं। अभियुक्त एपीके (APK) फाइल एवं अन्य एप्लिकेशन/सॉफ्टवेयर के माध्यम से लोगों के मोबाइल फोन हैक कर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे।
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण लगाये जाने तथा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के पर्यवेक्षण व सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर मेविस टॉक के नेतृत्व में थाना साइबर क्राइम व एसओजी की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा साइबर ठगी के गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए गिरोह के 09 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। सहायक एसपी मेविस टॉक ने बताया कि साइबर क्राइम पुलिस थाना टीम को एक बैंक खाते के संबंध में सूचना प्राप्त हुई थी कि जिसमें साइबर ठगो द्वारा विभिन्न माध्यमों से लोगों से ठगी करके ठगी की गई धनराशि उक्त बैंक खाते में मंगवाई जाती थी। जिसके सम्बन्ध में पुलिस टीम द्वारा संदिग्ध खाता धारको को शनिवार की रात को मवई बाइपास से पकड़ा है। उक्त फर्म के नाम पर बैंक खाता के बारे में पूछने पर उनके द्वारा बताया गया कि यह खाता उसी का है। जिसका उपयोग वह साइबर ठगी के रुपए मंगाने में करते है। जिसके एवज में उसे कमीशन के रुप में कुछ रुपए मिलते है। उसके गिरोह में और भी कई लोग है जो इस समय बुंदेलखण्ड एक्सप्रेस वे के नीचे उसका इंतजार कर रहे है। पुलिस टीम द्वारा तत्काल हिरासत में लिए गए व्यक्ति प्रेम प्रकाश को लेकर बुंदेलखण्ड एक्सप्रेस-वे के नीचे दबिश देकर घेराबन्दी करते हुए एक चारपहिया वाहन बोलेरो में बैठे सूरज पुत्र सुरेश निवासी बिजली खेड़ा थाना कोतवाली नगर,समीर पुत्र सुनील कुमार निवासी किरन कालेज चौराहा थाना कोतवाली नगर,अभिषेक पुत्र राजू निवासी जरैली कोठी थाना कोतवाली नगर,जीतू पुत्र राजेश निवासी कंचनपुरवा थाना कोतवाली नगर,योगेश पुत्र चुनबाद निवासी पल्हरी थाना कोतवाली नगर,कृष्णा पुत्र महेश निवासी डिग्गी चौराहा थाना कोतवाली नगर,सुशील कुमार पुत्र श्रीराम गोपाल निवासी कनवारा थाना कोतवाली नगर,मुकेश कुमार पुत्र नत्थू निवासी सहरी थाना मटौंध को भी गिरफ्तार किया। सहायक एसपी ने बताया कि कड़ाई से पूछताछ करने पर अभियुक्तों ने बताया कि अभियुक्तों का साइबर ठगी का एक संगठित गिरोह है। जो मुख्य रूप से एपीके (APK) फाइल एवं अन्य एप्लिकेशन/सॉफ्टवेयर के माध्यम से लोगों के मोबाइल फोन हैक कर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देते है। साथ ही लोगों को बहला-फुसलाकर/झांसा देकर उनके आधार कार्ड,पैन कार्ड एवं अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज प्राप्त कर इन दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए फर्जी फर्मों एवं कंपनियों के नाम पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए जाते थे। साथ ही, इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर फर्जी सिम कार्ड भी प्राप्त किए जाते थे। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को प्राप्त करने व उसे विभिन्न खातों में स्थानांतरित करने तथा नकद निकालने तथा अपनी पहचान छिपाने के लिए किया जाता था। तथा अपराध करने के उपरांत साइबर क्राइम की शिकायत के उपरांत खाता होल्ड होने की जानकारी प्राप्त होते ही घटना में प्रयुक्त फोन,सिम कार्ड आदि को नष्ट कर देते थे । इस सम्बन्ध में पुलिस द्वारा गिरोह के अन्य सदस्यों,उनके सहयोगियों,फर्जी बैंक खातों,सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले व्यक्तियों तथा साइबर ठगी से अर्जित धनराशि के लेन-देन के संबंध में गहन जांच की जा रही है। सहायक एसपी ने बताया कि अभियुक्तों के कब्जे से 52 हजार 475 रुपए नकद,1 चारपहिया वाहन बोलेरो,1 लैपटॉप,6 एटीएम कार्ड,1 चेकबुक,1 पैनकार्ड आदि सामाग्री बरामद हुई है। बरामद मोबाइल फोन,लैपटॉप एवं अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर गिरोह द्वारा अंजाम दी गई अन्य साइबर ठगी की घटनाओं का भी पता लगाया जा रहा है। साइबर ठगी के संगठित गिरोह जो पकड़ने वाली पुलिस टीम को पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने 20 हजार रुपए के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। पकड़ने वाली टीम में सुखराम सिंह प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम पुलिस,आंनद कुमार सिंह एसओजी प्रभारी,राजेश कुमार मौर्य प्रभारी सर्विलांस,उप निरीक्षक प्रदीप कुमार,आरक्षी हिमांशु वर्मा,ललित कुमार,रविन्द्र कुमार,दिनेश पटेल,धर्मेंद्र कुमार,प्रतीक सिंह एसओजी,मनीष मिश्रा एसओजी,कमल सिंह,रिषभ एसओजी,दीपक सैनी,राघवेंद्र सिंह शामिल रहे।