बाँदा-जालसाजी का शिकार हुए पीड़ितों के खाते में वापस हुई 1.54 लाख की रकम

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धोखाधड़ी के शिकार हुए तीन पीड़ितों के खाते में पुलिस ने 1 लाख 54 हजार की रकम वापस कराई है। रकम मिलने पर पीड़ितों ने बेहद खुशी जताई है।
वर्तमान में साइबर अपराधियों द्वारा लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।कभी ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुकिंग,लोन दिलाने का झांसा, निवेश पर अधिक मुनाफे का लालच,फर्जी कस्टमर केयर कॉल,डिजिटल गिरफ्तारी की धमकी या सोशल मीडिया के माध्यम से भेजे गए लिंक के जरिए लोगों की निजी और बैंकिंग जानकारी हासिल कर उनसे ठगी की जा रही है। जागरूकता/जागरुकता की कमी और जल्दबाजी में लिए गए निर्णयों का फायदा उठाकर साइबर ठग आम नागरिकों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस तरह के बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल द्वारा साइबर टीम को ऐसे अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया था। जिसके क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के निकट पर्यवेक्षण एवं सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम मेविस टॉक के नेतृत्व में साइबर क्राइम पुलिस थाना टीम द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करते हुए विभिन्न माध्यमों से साइबर ठगी के शिकार हुए 03 पीड़ितों के खाते में कुल 1,54,000/ रुपए सफलतापूर्वक वापस कराई गई। सहायक एसपी मेविस टॉक ने बताया कि थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के स्वराज कॉलोनी निवासी दिलीप कुमार ऑनलाइन डॉक्टर की अपॉइंटमेंट बुक करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान साइबर अपराधियों ने उन्हें एक फर्जी लिंक भेजा और अपॉइंटमेंट की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर उस पर क्लिक करने के लिए कहा गया लिंक पर दी गई जानकारी भरने के बाद साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते से कुल 90 हजार रुपये निकाल लिए ठगी का एहसास होने पर दिलीप कुमार ने मामले की शिकायत दर्ज कराई। इसी तरह थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी निवासी नंदिता चौहान को साइबर ठगों ने आसान और त्वरित लोन उपलब्ध कराने का झांसा दिया और प्रोसेसिंग शुल्क, फाइल चार्ज और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर लोन स्वीकृत होने का भरोसा दिलाते हुए उनसे कुल 42 हजार रुपये ठग लिए गए। बाद में धोखाधड़ी का पता चलते ही मामलें की शिकायत दर्ज कराई। एक अन्य मामले में कोतवाली बबेरु क्षेत्र निवासी राहुल को साइबर ठगों द्वारा फोन कर स्वयं को पुलिस/जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर राहुल पर अश्लील वीडियो देखने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कानूनी कार्यवाही करने की धमकी दी गई। भयभीत होकर राहुल ने मामले के समाधान हेतु कथित जुर्माने के रूप में ठगों द्वारा बताए गए खाते में 22 हजार रुपये जमा कर दिए। बाद में उन्हें पता चला कि वे साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। जिसके बाद पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई।एसपी पलाश बंसल के डायरेक्शन पर साइबर क्राइम पुलिस थाना बांदा की टीम द्वारा प्राप्त उक्त शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए संबंधित बैंकिंग संस्थाओं, वित्तीय पोर्टलों एवं अन्य तकनीकी माध्यमों व विभागों से समन्वय एवं प्रभावी पत्राचार के माध्यम से साइबर ठगी में फंसी धनराशि को होल्ड/फ्रीज कराते हुए कुल ₹1,54,000/ की धनराशि तीनों पीड़ितों के खातों में सफलतापूर्वक वापस कराई गई। सभी आवेदकों/पीड़ितों द्वारा अपनी धनराशि वापस मिलने पर पुलिस का आभार जताया।
पुलिस ने की सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात लिंक,कॉल, मैसेज अथवा ऑनलाइन निवेश संबंधी प्रलोभन अथवा डर एवं भय उत्पन्न करने वाले संदेशों/कॉलों के प्रभाव में न आएं। किसी भी भ्रामक अथवा भय उत्पन्न करने वाले संदेशो पर प्रतिक्रिया देने से पूर्व सत्यापन अवश्य करें। तथा साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा निकटतम साइबर थाना/पुलिस कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं। बरामद करने वाली टीम में राममोहन राय साइबर क्राइम पुलिस थाना,उप निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह,आरक्षी धर्मेन्द्र कुमार,हिमांशु वर्मा,ललित कुमार,ज्योति उपाध्याय शामिल रहे।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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