टप्पेबाजी की घटनाओं का खुलासा करते हुए पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ा है। जिनके कब्जे से बाइक व टप्पेबाजी की रकम बरामद हुई है।
सीओ बबेरू कृष्णकांत त्रिपाठी ने बताया कि बबेरु क्षेत्र के ग्राम कौहारा निवासी रामचन्द्र उर्फ मुंशी दिनांक 03.06.2026 को अपने घर कौहारा जा रहा था। तभी ओरन रोड पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसके रुपए चोरी कर लिये गये। इसी तरह कस्बा बबेरु निवासी विनय प्रताप दिनांक 25.05.2026 को रुपए लेकर पोस्ट ऑफिस में जमा करने जा रहा था। तभी मोटरसाइकिल से दो अज्ञात व्यक्ति आये और रुपए दोगुना करने लालच देकर उसके रुपए लेकर भाग गए। शिकायत मिलने पर एसपी पलाश बंसल ने कार्यवाही के निर्देश देने के साथ अभियुक्तों के पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमे लगाई थी। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस अभियुक्तों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई थी। ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगाए गए आस-पास के सीसीटीवी कैमरो व अन्य वैज्ञानिक एवं तकनीकि साक्ष्यों का प्रयोग करते हुए रविवार की रात गश्त एवं चेकिंग के दौरान सूचना प्राप्त हुई कि ओरन रोड पर 03 व्यक्ति एक मोटरसाइकिल के साथ संदिग्ध अवस्था मे खड़े है । प्राप्त सूचना पर तत्काल पुलिस द्वारा मौके पर जाकर घेराबन्दी करते हुए कैलाश पुत्र छंगू निवासी ओझा नगर थाना कमासिन,राजकुमार पुत्र रामराज निवासी ओझा नगर,अनुराग पुत्र शिवप्रसाद निवासी ओझा नगर थाना कमासिन को धर दबोचा। हिरासत में लेने के बाद जब उनकी तलाशी ली गई तो उनके कब्जे से 14100 रुपए नकद प्राप्त हुए । रुपये के बारे कड़ाई से पूछताछ की गई तो तीनों अभियुक्तों द्वारा बताया कि वह सभी एक संगठित गिरोह बनाकर रुपयों की चोरी व टप्पेबाजी करते है एवं रुपए दोगुनी करने जैसी आकर्षक एवं भ्रामक योजनाओं का लालच देकर अपने झांसे में लेकर उनके रुपए भी हड़प लेते है। साथ ही अपना जुर्म स्वीकार करते हुए विगत कुछ दिनों में विभिन्न थाना क्षेत्रों में किए गए घटनाओं को भी स्वीकार किया है।मौके से बरामद बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल के संबंध में पूछताछ करने पर अभियुक्त अनुराग पुत्र शिव प्रसाद द्वारा बताया गया कि उक्त मोटरसाइकिल उसी के नाम पर पंजीकृत है। जिसे उसने चोरी एवं टप्पेबाजी से प्राप्त रुपए से किश्तों पर खरीदा है। तथा उसकी मासिक किश्तों का भुगतान भी इसी अवैध तरीके से प्राप्त रुपए से करता है। जांच के क्रम में पाया गया कि अभियुक्तों द्वारा एक सुनियोजित एवं संगठित तरीके से लोगों को चिन्हित करते थे। इसके पश्चात वे अवसर पाकर उक्त व्यक्तियों के साथ चोरी अथवा टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देते थे। इसके अतिरिक्त अभियुक्तों द्वारा लोगों को धनराशि दोगुनी करने जैसी आकर्षक एवं भ्रामक योजनाओं का देकर अपने झांसे में लेते थे और उनके रुपए हड़प लेते थे। घटना को सफलतापूर्वक अंजाम देने हेतु गिरोह का एक सदस्य आसपास की गतिविधियों एवं लोगों की निगरानी करता था तथा स्वयं को सामान्य और भले व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत कर पीड़ित/व्यक्ति का विश्वास अर्जित करता था और उनकी योजना को सफल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था। जिससे पीड़ित को किसी प्रकार का संदेह न हो और अपराध को आसानी से अंजाम दे सके। इस सम्बन्ध में गहनता से जांच करने पर पाया गया कि अभियुक्तों द्वारा चोरी/टप्पेबाजी जैसी आपराधिक घटनाओं से प्राप्त धनराशि को यह अपने बैंक खातों में जमा करते थे। जिन्हे चिह्नित करते हुए अभियुक्तों के बैंक खातों में जमा कुल 02 लाख 84 हजार रुपए की धनराशि को पुलिस द्वारा नियमानुसार फ्रीज कराया गया है। इस सम्बन्ध में पुलिस टीम द्वारा और गहनता से पूछताछ कर जांच की जा रही है कि इनके द्वारा और किन-किन स्थानों और कितने से लोगों के साथ इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया गया है। सीओ ने बताया कि अभियुक्त कैलाश पुत्र छंगू एक शातिर अपराधी और उसके विरुद्ध एक दर्जन से भी अधिक मामलें दर्ज है। गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक राजेन्द्र सिंह राजावत,अरविंद कुमार सिंह चौकी प्रभारी बेर्रावं,आरक्षी रजनीश पाण्डेय,नरेश अहिरवार,अमित यादव शामिल रहे।