बिना परीक्षण के आख्या अग्रसारित किए जाने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई है। साथ ही उन्होंने कहा है कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बिल्कुल बर्दास्त नहीं की जाएगी। इसलिए अधिकारी तथा कर्मचारी शिकायतों के निस्तारण में हीला-हवाली बिल्कुल न बरतें।
डीएम अमित आसेरी ने कहा कि प्रायः यह देखा जा रहा है कि विभिन्न स्तर से प्राप्त होने वाले महत्वपूर्ण संदर्भों एवं अधोहस्ताक्षरी की जनसुनवायी के दौरान प्राप्त होने वाले शिकायती प्रार्थना पत्रों का निस्तारण सम्बन्धित अधिकारियों द्वारा शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण तरीके से नहीं किया जा रहा है। तहसील/जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा बिना आख्या का परीक्षण किये अपने अधीनस्थों की आख्याओं को अग्रसारित कर उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दिया जाता है। जो कदापि उचित नहीं है। शासन स्तर से निरन्तर इस आशय के निर्देश प्राप्त हो रहे है कि शिकायती प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कराया जाये साथ ही शिकायतकर्तागण से निस्तारण का फीड़बैक भी लिया जाये, परन्तु जनपद/तहसील स्तरीय अधिकारियों द्वारा उक्त का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है। डीएम अमित आसेरी ने समस्त जिला/तहसील स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि भविष्य में विभिन्न स्तर से प्राप्त होने वाले शिकायती प्रार्थना पत्रों की जांच शिकायतकर्ता की उपस्थिति में ही सम्पादित की जाये। साथ ही उसके बयान आदि भी अंकित किये जाये। शिकायती प्रार्थना पत्रों का सरसरी तौर पर निस्तारण न करके गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाये। तथा शिकायतकर्तागणों से निस्तारण के सम्बन्ध में फीडबैक अवश्य प्राप्त किया जाये।