स्वतंत्रता दिवस पर जिलाधिकारी अमित आसेरी ने राष्ट्रभक्ति को जनसेवा और मानवीय संवेदना से जोड़ते हुए दिनभर विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता की। जिलाधिकारी आवास और कार्यालय में ध्वजारोहण कर अमर शहीदों को नमन किया। इसके बाद ऐतिहासिक दुर्ग भूरागढ़ पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और स्वतंत्रता सेनानियों व उनके परिजनों को सम्मानित किया। जिला चिकित्सालय में मरीजों और बच्चों के बीच फल वितरित कर खुशियां बांटीं, वहीं वृद्धाश्रम पहुंचकर बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। जिलाधिकारी ने रक्तदान कर लोगों को जीवन बचाने और मानवता की सेवा का संदेश भी दिया।
आवास और कार्यालय में ध्वजारोहण, दिलाई एकता-अखंडता की शपथ
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी ने अपने आवास और कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। राष्ट्रगान के बाद आयोजित गोष्ठी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और अमर शहीदों के त्याग, संघर्ष एवं बलिदान को याद किया गया। राष्ट्र की एकता, अखंडता, सामाजिक समरसता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम के बाद आमजन को प्रसाद वितरित कर स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी गईं। भूरागढ़ में शहीदों को श्रद्धांजलि, स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान
वीर भूमि बुंदेलखंड के ऐतिहासिक दुर्ग भूरागढ़ में आयोजित श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह में जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद और जिलाधिकारी अमित आसेरी शामिल हुए। उन्होंने वीर शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की ओर से स्वर्गीय सूबेदार छत्रपाल सिंह परिहार को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके राष्ट्रसेवा और बलिदान को याद किया गया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं उनके परिजनों को शॉल, पुष्प और मिष्ठान भेंटकर सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का त्याग और संघर्ष देश की अमूल्य धरोहर है। उनकी गौरवगाथा आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।
‘वंदे मातरम्’ पर बालिकाओं की प्रस्तुति ने बांधा समां
भूरागढ़ दुर्ग परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बुंदेलखंड की लोक संस्कृति और देशभक्ति की झलक देखने को मिली। लोकगीत पार्टी के दयाराम रैकवार ने लोकगीत प्रस्तुत कर माहौल को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया। वहीं श्रद्धा निगम की बालिकाओं ने ‘वंदे मातरम्’ गीत पर नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। उपस्थित लोगों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की। अस्पताल में मरीजों और बच्चों के साथ बांटी स्वतंत्रता दिवस की खुशियां
कार्यक्रमों के क्रम में जिलाधिकारी जिला चिकित्सालय पहुंचे। उन्होंने भर्ती मरीजों और बच्चों का कुशलक्षेम पूछा और उन्हें फल वितरित किए। मरीजों एवं उनके परिजनों से आत्मीय संवाद कर बेहतर उपचार और आवश्यक सहयोग का भरोसा दिलाया।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का पर्व नहीं है, बल्कि सेवा, संवेदना और मानवता के प्रति अपने दायित्वों को मजबूत करने का अवसर भी है। जरूरतमंदों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। वृद्धाश्रम में बुजुर्गों का लिया आशीर्वाद,परखी व्यवस्थाएं
जिलाधिकारी ने नरैनी रोड स्थित वृद्धाश्रम पहुंचकर बुजुर्गों से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने वृद्धजनों की समस्याएं और आवश्यकताएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। वृद्धाश्रम की आवासीय व्यवस्था, किचन, शौचालय और पेयजल समेत अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। उपयोगी शौचालय, पर्याप्त पेयजल और नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित कराने के निर्देश दिए। इस दौरान वृद्धजनों को फल और मिष्ठान वितरित कर उनके साथ स्वतंत्रता दिवस की खुशियां साझा की गईं। डीएम ने कहा कि बुजुर्ग अनुभव, संस्कार और जीवन मूल्यों की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी सेवा, सुरक्षा और सम्मान करना समाज का नैतिक दायित्व है। डीएम ने रक्तदान कर दिया जीवन बचाने का संदेश
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी ने स्वयं रक्तदान किया। उन्होंने रक्तदान करने वाले वॉलिंटियर्स को सम्मानित कर उनके पुनीत कार्य के लिए आभार जताया। साथ ही स्वस्थ और पात्र नागरिकों से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय मानकों के अनुसार पात्र स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान सुरक्षित प्रक्रिया है। लोगों को रक्तदान को लेकर किसी प्रकार की भ्रांति नहीं रखनी चाहिए। चिकित्सकीय जांच और सलाह के बाद रक्तदान कर जरूरतमंदों का जीवन बचाने में सहयोग किया जा सकता है। राष्ट्रप्रेम को सेवा और मानवता से जोड़ने का आह्वान
जिलाधिकारी अमित आसेरी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस का वास्तविक संदेश केवल तिरंगे को नमन करना नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम, सेवा, संवेदना, कर्तव्य और मानवता को अपने जीवन का हिस्सा बनाना है। स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को मजबूत करना सभी का दायित्व है। उन्होंने जनपदवासियों से विकसित, आत्मनिर्भर, स्वच्छ, स्वस्थ और संवेदनशील भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।