अयोध्या-कैमरा के सामने फफक कर रोने के साथ इस्तीफा देने वाले डिप्टी कमिश्नर ने इस्तीफा लिया वापस,काम काज किया शुरू

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शंकराचार्य के विरोध में इस्तीफा देने वाले डिप्टी कमिश्नर ने इस्तीफा वापस लेकर सभी को चौंका दिया है। इस्तीफा देने के साथ उन्होंने योगी को अपना बॉस बताते हुए कैमरे के सामने फफक कर रोये भी थे।
अविमुक्तेश्वरानंद के विरोध और सरकार के समर्थन में त्यागपत्र देने वाले डिप्टी कमिश्नर ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। वहीं आरोप लगाने वाले भाई को मुख्तार अंसारी गैंग का सक्रिय सदस्य बताया है। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में तैनात राज्य कर उपायुक्त प्रशांत कुमार सिंह ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद के विरोध और सरकार के समर्थन में अपना त्यागपत्र अधिकारियों को भेजा था। अब उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि ‘मैंने अपना त्यागपत्र वापस ले लिया है। मुझ पर कोई दबाव नहीं है। शनिवार को मैं अपने कार्यालय में हूं। अपना कार्य कर रहा हूं। भाई द्वारा लगाए आरोपों पर कहा कि मेरा भाई विश्वजीत सिंह, मुख्तार अंसारी की मऊ गैंग के सक्रिय सदस्य है। वह उनके आर्थिक सलाहकार रहा है। उन्होंने कहा कि मेरे भाई पर तमाम आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं। उसने माता-पिता को मारा पीटा। इसके संबंध में एफआईआर दर्ज है। उसने जिओ ब्रांच मैनेजर को भी जान से मारने की धमकी दी। वह जबरन वसूली करता है। उसका काम है कि पैसों के लिए दबाव बनाना। वह एक आपराधिक व्यक्ति है।फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट मामले पर उन्होंने कहा कि मेरा भाई ने साल 2021 में सीएमओ, मऊ को एक प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें कहा था कि प्रशांत द्वारा दिया गया दिव्यांग प्रमाणपत्र फर्जी है। क्योंकि, उस पर दिन अंकित नहीं है। डॉक्टरों के हस्ताक्षर नहीं है। सीएमओ ने विश्वजीत द्वारा बनाए गए फर्जी प्रमाणपत्र को संज्ञान में नहीं लिया। बल्कि, मुझे जांच के लिए आदेश दिया। बताया कि सीएमओ-मऊ ने ही मुझे प्रमाणपत्र जारी किया गया था। इसके बाद मैं मुख्य चिकित्सा अधिकारी अयोध्या के सामने प्रस्तुत हुआ। उन्होंने मऊ-सीएमओ से पूछा कि ये प्रमाणपत्र सही है या नहीं। इसके जवाब में सीएमओ ने लिखित में बताया कि प्रमाणपत्र सही है। भाई के आरोप बेबुनियाद है।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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