अफीम तस्करों को पकड़ कर ले जा रही पुलिस पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। एसओजी कर्मियों ने भाग कर अपनी जान बचाई। पकड़े गए आरोपी भी मौके से भाग खड़े हुए।
बरेली जिले में एसओजी टीम ने बुधवार शाम सिरौली इलाके के गांव आलमपुर कोट में अफीम तस्करी करते दो लोगों को हिरासत में ले लिया। टीम इन्हें गाड़ी में बैठाकर ले जाती, इससे पहले ग्रामीणों ने हमला बोलकर टीम को घेर लिया। टीम के सदस्य जान बचाने के लिए भागे तो दोनों आरोपी भी भाग निकले। पुलिस अब दोनों की तलाश कर रही है। सिरौली थाना क्षेत्र के आलमपुर कोट में शाम पांच बजे सादा कपड़ों में बिना नंबर की सफेद गाड़ी से एसपी दक्षिणी की एसओजी टीम पहुंची। टीम के चार सदस्यों ने गांव निवासी शेर सिंह और संजीव को पकड़कर कार में बैठा लिया। दोनों रामनगर से घर लौट रहे थे। गाड़ी थोड़ा आगे बढ़ी कि शेर सिंह गाड़ी में से चिल्लाने लगा। खेतों में काम कर रहे ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर दौड़ पड़े। करीब डेढ़ सौ लोगों ने गाड़ी घेर ली।
जब तक टीम के जवान ग्रामीणों को कुछ बताते, तब तक लोगों ने उन पर हमला कर दिया। तब गाड़ी छोड़कर टीम के सदस्य पैदल ही भाग निकले। इनमें से कुछ सिरौली की बड़ागांव चौकी तो कुछ आंवला थाने की रामनगर चौकी पहुंचे। इस दौरान शेर सिंह व संजीव भाग निकले। घटना के बाद रामनगर और बड़ागांव चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। रामनगर पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया तो उन्हें पता लगा कि गाड़ी सरकारी है और इसमें एसओजी टीम सवार थी। बाद में सीओ आंवला नितिन कुमार भी आसपास के थानों की टीम लेकर पहुंचे।
किसी को एक्सीडेंट तो किसी को अपहरण की थी सूचना
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने जांच कराई तो पता लगा कि ग्रामीणों को हकीकत का पता ही नहीं था। उनकी मंशा आरोपियों को छुड़ाने की नहीं थी। दरअसल, गांव में प्रधानी के चुनाव से पहले दो प्रत्याशियों के गुटों में विवाद चरम पर है। इस लिहाज से ग्रामीणों के गुट खाली समय में सड़क पर खड़े चर्चा में मशगूल थे। जब दोनों आरोपियों को गाड़ी में डालकर टीम भागी तो कुछ लोगों ने हादसे तो कई ने अपहरण का शोर मचा दिया। जब तक मामला समझ में आया, दोनों आरोपी भाग चुके थे।
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि ग्रामीणों ने अफवाह की वजह से एसओजी की टीम को रोक लिया था। शेर सिंह व संजीव इसी गफलत में भाग गए। दोनों से आठ सौ ग्राम अफीम बरामद की गई है। रिपोर्ट लिखकर दोनों की गिरफ्तारी की जाएगी।