बाँदा-गोली मारकर हत्या के मामले में हुई आजीवन कारावास की सजा,दहेज हत्या के मामले में मां-बेटे दोषी करार

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गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को दोषी करार दिया है। आजीवन कारावास की सजा के साथ-साथ 11 हजार का जुर्माना लगाया है। एक अन्य दहेज हत्या के मुकदमे में न्यायालय ने मां बेटे को सजा सुनाई है।
बबेरू थाना क्षेत्र के साथी गांव निवासी मृतक के पुत्र बुद्धविलास पटेल ने 2 सितंबर 2013 को बबेरू थाने में तहरीर दी कि रात आठ बजे वह और उसके पिता राम किशोर शौच को जा रहे थे। तभी राजकुमार मास्टर के घर के सामने उसके गांव का रामदत्त पहलवानी उसे और उसके पिता को शराब के नशे में गाली गलौज करने लगा। मना करने पर उसने तमंचा निकालकर उसके पिता को जान से मारने की नीयत से गोली मार दी। गोली उसके पिता की छाती में लगी। वह पिता को घायल अवस्था में अस्पताल छोड़कर थाने रिपोर्ट लिखाने चला आया। उसके पिता को बबेरू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल भेजा गया। डॉक्टर ने पट्टी बांधकर कानपुर के लिए रेफर कर दिया। कानपुर में इलाज करने के बाद लखनऊ अस्पताल में भर्ती कराया। 22 सितंबर 2013 को उनकी मृत्यु हो गई। 23 सितंबर 2013 को लखनऊ में पोस्टमार्टम कराया गया। विवेचक ने दोषी रामदत्त को 6 सितंबर 2013 को हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद कर उसे जेल भेज दिया। तत्कालीन विवेचक प्रभारी निरीक्षक कैलाश नाथ मिश्र व एसआई नरेंद्र कुमार पाल एवं एसआई हरिराम सिंह चौकी प्रभारी सिमौनी ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के अवलोकन के बाद न्यायाधीश ने अपने 29 पृष्ठीय फैसले में हत्या में आजीवन कारावास और शस्त्र अधिनियम में दो वर्ष का सश्रम कारावास व 11 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। इसी तरह दहेज हत्या के मामले में अदालत में अंकित पुत्र राकेश तथा उसकी मां रन्नो देवी निवासी उमरी कोतवाली बबेरू को दोषी ठहराते हुए 10-10 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 6000 का जुर्माना लगाया है। अभियुक्तों के विरुद्ध 2020 में दहेज हत्या का मुकदमा कायम हुआ था। जिसकी विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी द्वारा की गई थी।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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