विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और लंबित मांगों को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। 13 सूत्री मांगों को लेकर अभ्यर्थियों ने गांधी मैदान से राजभवन की ओर मार्च निकाला। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, जिससे अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच झड़प की स्थिति बन गई।
प्रदर्शनकारी दारोगा भर्ती परीक्षा और बीपीएससी 70वीं परीक्षा समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर अपनी मांगें उठा रहे थे। अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षाओं में अनियमितताओं के कारण मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने संबंधित परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
गांधी मैदान से मार्च शुरू होने के बाद प्रदर्शनकारी जेपी गोलंबर की ओर बढ़े। यहां पुलिस और सीआरपीएफ की तैनाती की गई थी। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर मार्च रोकने का प्रयास किया। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़कर आगे बढ़ने लगे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी एग्जीबिशन रोड होते हुए डाक बंगला चौराहे की तरफ बढ़े, जहां उन्हें दोबारा रोकने का प्रयास किया गया। अभ्यर्थियों ने 1799 पदों वाली दारोगा भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की मांग की। इस मामले की जांच आर्थिक अपराध इकाई द्वारा किए जाने का भी उल्लेख किया गया। इसके अलावा बीपीएससी 70वीं परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच और परीक्षा दोबारा कराने की मांग भी प्रदर्शन में प्रमुख रही।
प्रदर्शनकारियों ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं को भी उठाया। उनका कहना था कि अभ्यर्थियों की समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी गई।
प्रदर्शन में दारोगा भर्ती के अभ्यर्थी रोमित के परिजन भी शामिल हुए। रिपोर्ट के अनुसार, रोमित की आत्महत्या के बाद उसके परिजनों ने न्याय की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी रखी। 13 सूत्री मांगों में परीक्षाओं से जुड़ी प्रमुख मांगें
अभ्यर्थियों ने दारोगा भर्ती परीक्षा और बीपीएससी 70वीं परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, जरूरत पड़ने पर परीक्षा दोबारा कराने, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अभ्यर्थियों की अन्य समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लंबे समय से अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। यदि सरकार की ओर से उनकी मांगों पर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जायेगा।