विद्यालय प्रबंधन से नाराज जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्रों ने बुधवार रात हॉस्टल के कमरों में खुद को बंद कर लिया। छात्रों के बाहर नहीं निकलने और अंदर से हॉस्टल की लाइट बंद कर लेने से प्रशासनिक अधिकारियों में खलबली मच गई। देर रात तक अधिकारी छात्रों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास करते रहे।
झांसी के बरुआसागर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के अरावली शिवालय हॉस्टल में कक्षा नौ से 12वीं तक के करीब 100 छात्र रह रहे थे। विद्यालय प्रबंधन से नाराज छात्रों ने शाम की असेंबली में जाने से इनकार कर दिया। रात में खाना खाने के लिए भी छात्र कमरों से बाहर नहीं निकले। काफी देर तक छात्रों के नहीं मानने पर रात करीब 10 बजे पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर थानाध्यक्ष प्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत कर उन्हें बाहर आने के लिए समझाया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद एसडीएम सदर देवेंद्र प्रताप सिंह, सीओ रक्षपाल सिंह समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। करीब आधी रात एडीएम प्रशासन शिव प्रताप शुक्ला भी वहां पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों की समस्याएं सुनीं और उन्हें समझाने का प्रयास किया। प्रधानाचार्य पर लगाए गंभीर आरोप
हॉस्टल में बंद छात्रों ने प्रधानाचार्य वीरेंद्र कुशवाह पर उत्पीड़न और मनमाने तरीके से काम करने के आरोप लगाए। छात्रों का कहना है कि अभिभावकों के विद्यालय आने पर उनके साथ कथित रूप से अपमानजनक व्यवहार किया जाता है। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि दबाव बनाकर स्थानांतरण प्रमाणपत्र लेने के लिए मजबूर किया जाता है तथा बोर्ड कक्षाओं के छात्रों को बिना उचित कारण निलंबित कर घर भेज दिया जाता है।
छात्रों ने कक्षा 10 के एक विद्यार्थी का उदाहरण देते हुए बताया कि वह करीब एक माह तक बीमार रहने के बाद स्वस्थ होकर विद्यालय लौटा था, लेकिन उसे दोबारा विद्यालय में प्रवेश नहीं दिया गया। छात्रों ने प्रधानाचार्य के साथ पीटी शिक्षक को भी तत्काल हटाने की मांग की है। ये आरोप छात्रों की ओर से लगाए गए हैं; विद्यालय प्रबंधन का पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है। अधिकारियों की ओर से देर रात तक छात्रों से बातचीत कर गतिरोध समाप्त कराने का प्रयास जारी रहा। मामले को लेकर विद्यालय परिसर में प्रशासनिक निगरानी बनी रही।