महिला के खाते में अचानक दस करोड़ रुपये का गए। लेकिन उसका ईमान नहीं डगमगाया।उसने कहा कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आ जाती, तब तक खाते से एक रुपये की भी निकासी नहीं करेगी। नवरात्र के चलते बैंक बंद था। उन्होंने एटीएम जाकर वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा और जांच शुरू हुई। पता चला कि उनके खाते में कोई संदिग्ध लेन-देन नहीं हुआ है। तकनीकी गड़बड़ी के चलते खाते में इतनी बड़ी रकम दिख रही थी। उधर, सीता की ईमानदारी की तारीफ देशभर में हो रही है। गांव देवगंज निवासी सीता देवी पत्नी पारसभान बहेलिया ने करीब दो साल पहले बैंक ऑफ इंडिया, सुल्तानगंज से भैंस खरीदने के लिए लोन कराया था। उनको एक एटीएम कार्ड भी मिला था। बीते 24 मार्च को वह अपने बेटे अरुण के साथ बैंक ऑफ इंडिया की सुल्तानगंज शाखा पर बैलेंस चेक करने के लिए पहुंचीं तो खाते में शेष राशि देखकर उनके होश उड़ गए। खाते में 9 करोड़ 99 लाख 49 हजार 588 रुपये का बैलेंस दिख रहा था। सीता देवी को विश्वास नहीं हुआ तो उन्होंने दोबारा से बैलेंस चेक किया। फिर से वही बैलेंस दिखाने पर उन्होंने इसका वीडियो बनाया और बेटे की मदद से उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया। वीडियो में उन्होंने ईमानदारी दिखाते हुए कहा कि उन्हें यह पैसा नहीं चाहिए, जिसका भी यह पैसा है, वह वापस ले ले। आरबीआई ने संज्ञान लेते हुए बैंक ऑफ इंडिया को निर्देश जारी किए। इसके बाद बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक पुष्पेंद्र सिंह जांच के लिए गांव पहुंचे। महिला को साथ लेकर उन्होंने खाते की जांच की तो पाया कि सीता के खाते में कोई भी संदिग्ध लेनदेन नहीं हुआ है। महिला के खाते में इस समय 61512 रुपये 75 पैसे का बैलेंस है। बैंक मैनेजर के अनुसार, सीता के खाते में जो बड़ी रकम दिखाई दे रही थी, वह एक तकनीकी कारण यानी लोन अकाउंट पर लगे ‘लियन’ की वजह से दिख रही थी। यानी यह सिर्फ सिस्टम की एंट्री थी, असली पैसा नहीं था।