यूपी पुलिस ने फर्जी इंटरव्यू दिलाकर नौकरी दिलाने का ठेका लेने वाले फर्जी दरोगा को पकड़ा है। वहीं उसके साथियों के नाम भी सामने आए हैं। आरोपी दरोगा के कब्जे से फर्जी आईडी सहित कई जाली दस्तावेज भी बरामद हुये है।
कानपुर पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने वर्दी पहनकर दरोगा बनकर घूम रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को नौकरी और ट्रांसफर-पोस्टिंग का झांसा देकर लाखों रुपये वसूलता था। पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। मामला अनवरगंज थाना क्षेत्र का है, जहां मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कल्याणी रोड स्थित कूड़ा घर के पास से संजय कुमार सिंह नाम के युवक को गिरफ्तार किया। आरोपी पुलिस की पूरी वर्दी पहनकर खुद को दरोगा बताता था और रौब झाड़कर लोगों को भरोसे में लेता था। तलाशी के दौरान उसके पास से पुलिस और सीबीआई के फर्जी आईडी कार्ड,एक पूर्व प्रमुख सचिव का लेटर पैड,पुलिस वर्दी,बेल्ट, जूते, पी-कैप,लाइटर पिस्टल, कारतूस और फर्जी नंबर प्लेट बरामद हुई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी लखनऊ में प्राइवेट स्कूल और होटल किराए पर लेकर फर्जी परीक्षा और इंटरव्यू तक आयोजित कराता था। नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने के बाद रिजल्ट में देरी का बहाना बनाकर अभ्यर्थियों को डराता-धमकाता था। डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी अपने साथियों दुर्गेश सविता और विजय चौहान के साथ मिलकर गिरोह चला रहा था। दोनों फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।