दवा कारोबारी की हत्या के मामले में पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, साजिश की नई कड़ियां सामने आ रही हैं। सर्विलांस जांच में मृतक के बेटे सुब्रत और हत्या के आरोपी बताए जा रहे विशाल गौतम के बीच तीन महीने में करीब 300 बार फोन पर बातचीत होने की जानकारी सामने आई है। वहीं शालू की भी विशाल से 40 बार बातचीत हुई थी। वारदात वाले दिन दोनों के बीच 14 बार फोन पर संपर्क होने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, जिस विशाल गौतम पर हत्या में शामिल होने का आरोप है, उसे मृतक पहले नौकरी से निकाल चुके थे। इसके बावजूद सुब्रत और विशाल के बीच लगातार बातचीत होना जांच का अहम बिंदु बन गया है। पुलिस अब इन कॉल्स की अवधि, समय और बातचीत से जुड़े अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। हत्या से एक दिन पहले नया सिम एक्टिवेट
जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या से एक दिन पहले विशाल गौतम के नाम पर नया सिम सक्रिय कराया गया था। पुलिस की जानकारी के मुताबिक यह नंबर सुब्रत और शालू के पास भी था। इससे जांच एजेंसियों का शक केवल एक आरोपी तक सीमित नहीं है और परिवार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस अब मृतक के परिवार और रिश्तेदारों से भी पूछताछ कर रही है। इसी बीच यह जानकारी भी सामने आई कि मृतक ने घर में चार सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। पुलिस इस पहलू को भी जांच से जोड़कर देख रही है कि क्या कारोबारी को पहले से किसी खतरे का अंदेशा था। हत्या की साजिश की कड़ियां जोड़ रही पुलिस
मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपियों और शालू से पूछताछ के साथ अब कॉल डिटेल, नए सिम और सीसीटीवी से जुड़े साक्ष्यों को मिलाया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या से पहले किस-किस व्यक्ति के बीच संपर्क हुआ और वारदात की योजना में किसकी क्या भूमिका थी। फिलहाल सामने आए कॉल रिकॉर्ड को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। मामले में आगे बढ़ सकती है जांच
पुलिस की जांच में यदि कॉल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों से किसी अतिरिक्त व्यक्ति की भूमिका पुष्ट होती है तो मामले में आगे कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पुलिस सभी संभावित कड़ियों की जांच कर रही है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तकनीकी एवं अन्य साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है।