गला रेतकर बेटे की हत्या करने के बाद युवक फांसी पर झूल गया। जिससे आरोपी की भी मौत हो गई।
झांसी के रक्सा के ढीमरपुरा गांव निवासी प्रेम सिंह रायकवार (38) ने अपने तीन साल के मासूम बेटे भरत की गला रेतकर हत्या करने के बाद फंदा लगाकर जान दे दी। घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। आला पुलिस अफसरों के साथ फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। प्रारंभिक छानबीन में मालूम चला कि शुक्रवार आधी रात के बाद शराब के नशे में घर लौटने पर प्रेम मां के साथ सो रहे भरत को उठाकर दूसरे कमरे में ले गया। वहां नृशंस तरीके से पहले मासूम का चाकू से गला रेता, इसके बाद खुद फंदा लगाकर जान दे दी। घटना की वजह अभी साफ नहीं हो सकी है। पुलिस कई एंगल पर छानबीन कर रही है। छह भाइयों के बीच मझला प्रेम सिंह अपने भाई लखपत के साथ गांव में बने घर में रहता था, जबकि पिता एवं अन्य भाई गांव से करीब 500 मीटर दूर खेत में बने घर में रहते हैं। प्रेम भी भाइयों की तरह खेती-किसानी करता था। करीब छह साल पहले आशा से उसकी शादी हुई। परिवार में दो बेटियां तुलसा (5), विनीता (4) समेत छोटा बेटा भरत (3) था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि प्रेम शराब पीने का आदी था। शुक्रवार को पड़ोस में जाहर सिंह के बेटे सुमित की शादी थी। वहां उसने जमकर शराब पी ली। आधी रात के बाद करीब एक बजे वह शराब के नशे में घर लौटा। पत्नी आशा तीनों बच्चों को लेकर आंगन में सो रही थी। इसी दौरान भरत को उठाकर प्रेम अपने साथ दूसरे कमरे में ले गया। यहां बच्चे का गला चाकू से रेतने के बाद खुद पत्नी की साड़ी से फंदा लगाकर जान दे दी। तड़के करीब तीन बजे नींद टूटने पर आशा को भरत बिस्तर पर नहीं मिला। यह देख वह घबरा उठी। कमरे में खिड़की से देखने पर प्रेम का शव फंदे से लटका दिखा। कमरे की कुंडी अंदर से बंद थी। यह देख कर आशा चीख पड़ी।
आसपास के लोग जमा हो गए। दरवाजा तोड़ने पर फर्श पर भरत का खून से सना शव पड़ा हुआ था। पास में चाकू पड़ा था। सूचना पर सीओ रामवीर सिंह, थानाध्यक्ष उदय सिंह पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर छानबीन की। सीओ रामवीर सिंह के प्रारंभिक साक्ष्य के मुताबिक प्रेम सिंह ने ही बेटे की हत्या करके फंदा लगाकर जान दी। इसके पीछे की वजह अभी मालूम नहीं चल सकी है। इसकी छानबीन कराई जा रही है। इसके पहले भी प्रेम तीन बार बेटे की जान लेने की कोशिश कर चुका है।