हमीरपुर-घूस लेते पकड़ा गया पेशकार,काम के एवज में मांगी थी 25 हजार की रिश्वत

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एंटीकरप्शन टीम ने न्यायालय उपसंचालक चकबंदी के पेशकार को 25 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है।
हरियाणा प्रदेश के जिला फतेहाबाद के गांव विसला निवासी पूर्व फौजी धर्मवीर सिंह ने बताया कि उन्होंने सरीला तहसील के कुपरा गांव जमीन खरीदी थी। जमीन के नक्शा दुरुस्ती का मामला न्यायालय उपसंचालक चकबंदी हमीरपुर में एक साल से चल रहा था। भूमि नक्शा दुरुस्तीकरण की फाइल को खारिज पर डालने की बात कही गई। बीते छह माह से उक्त मामले के लिए पेशकार अल्ताफ अली पैसे मांग रहा था। सबसे पहले डेढ़ लाख रुपये की मांग की गई। इसके बाद मामला 25 हजार रुपये में तय हुआ। कहा गया था कि 25 हजार रुपये लाओ काम हो जाएगा। पूर्व फौजी ने इसकी शिकायत तीन दिन पहले एंटी करप्शन टीम से की। इसी आधार पर करप्शन टीम बांदा के ट्रैप प्रभारी निरीक्षक मृत्युंजय कुमार मिश्र हमराहियों संग कलक्ट्रेट स्थित न्यायालय उपसंचालक चकबंदी के पास पहुंचे। यहां पर शिकायतकर्ता को कैमिकल युक्त पाउडर लगे पांच-पांच सौ के 25 हजार रुपये पेशकार को देने के लिए दिए गए। टीम के सदस्य इस दौरान किसान के भेष में आसपास खड़े रहे। शिकायकर्ता ने न्यायालय के अंदर जाकर पेशकार अल्ताफ अली को नोटों का बंडल दिया। बताया जा रहा है कि नोटों का बंडल लेकर उसने जैसे ही मेज की दराज में रखे, वहां मौजूद टीम ने उसे रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया। करप्शन टीम ने तलाशी ली, इसके बाद आरोपी को कोतवाली ले गए, जहां पर कार्रवाई की गई। चकबंदी विभाग के अन्य पटलों पर जब इसकी जानकारी हुई तो हड़कंप मच गया। न्यायालय उप संचालक चंकबंदी प्रभारी रिजवाना शाहिद ने कहा कि मेरे किसी न्यायालय में कोई पैसा नहीं लिया जाता। यहां पर वकीलों के माध्यम से पैरवी होती है।
कई बार नहीं दीं तारीखे
शिकायतकर्ता धर्मवीर सिंह का कहना है कि कोई एक बाबू के वश की बात नहीं है। यहां पर बगैर न्यायिक अधिकारी के यह संभव नहीं था। नक्शा दुरस्ती कागज सरकार का होता है। इसे खारिज करने का प्रयास किया गया, लेकिन ऐसी कोई कमी नहीं मिली जिससे खारिज किया जा सके। कई बार तारीख न बताकर परेशान करना यह साबित करता है कि यहां पर सबकुछ ठीक नहीं है।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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