गिट्टी लादकर जा रहे डंपर ने साइकिल सवार किसान को कुचल दिया। हादसे में किसान की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने मुआवजे तथा स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग को लेकर बांदा-फतेहपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे तक मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद जाम खुल सका।
तिंदवारी थाना क्षेत्र के जसईपुर निवासी कल्लू ने बताया कि उसके 70 वर्षीय पिता महेश पटेल पुत्र जागेश्वर रविवार दोपहर साइकिल से माटा गांव स्थित खेत देखने जा रहे थे। सुर्दशन महाविद्यालय के पास सड़क पार करते समय बांदा की ओर से गिट्टी लादकर फतेहपुर जा रहे डंपर ने उन्हें कुचल दिया। हादसे में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद चालक डंपर छोड़कर मौके से फरार हो गया। हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। किसान की मौत की खबर घर पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने मुआवजे तथा घटनास्थल पर स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग को लेकर बांदा-फतेहपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों का कहना था कि महाविद्यालय के पास पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। स्पीड ब्रेकर बनवाने के लिए कई बार जिला प्रशासन से मांग की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। रविवार को फिर हादसा होने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
सूचना पर तिंदवारी थानाध्यक्ष संदीप पटेल समेत पुलिस के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर समझाया, जिसके बाद करीब दो घंटे बाद जाम खुल सका। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। डंपर को कब्जे में लेकर चालक की तलाश की जा रही है। हादसे के बाद दो घंटे बाधित रहा यातायात
ग्रामीणों के जाम लगाने से बांदा-फतेहपुर मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस अधिकारियों के पहुंचने और समझाने के बाद यातायात बहाल कराया गया। स्पीड ब्रेकर की मांग फिर उठी
ग्रामीणों ने बताया कि महाविद्यालय के पास पहले भी हादसे हो चुके हैं। उनका कहना है कि स्पीड ब्रेकर बनने से वाहनों की गति नियंत्रित हो सकती है और हादसों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।