अतिवृष्टि में कच्चा मकान ढहने से पिता और दो मासूम बच्चों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पीड़ित परिवार के बीच पहुंचे। आयुक्त और डीआईजी ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिया। साथ ही अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
चित्रकूट के कर्वी तहसील क्षेत्र के बराछ गांव में अतिवृष्टि के दौरान कच्चा मकान गिरने से कल्लू यादव (35), उनके छह वर्षीय बेटे अंश और करीब डेढ़ वर्षीय बेटी कल्ली की मौत हो गई। हादसे में कल्लू की पत्नी कुन्ता (30) और तीन वर्षीय बेटी अंशिका घायल हो गईं। दोनों का उपचार जिला अस्पताल, चित्रकूट में कराया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल, बांदा अजीत कुमार और पुलिस उपमहानिरीक्षक चित्रकूटधाम परिक्षेत्र, बांदा राजेश एस. बराछ गांव पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और इस कठिन समय में प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने कहा कि पीड़ित परिवार को शासन के नियमानुसार अनुमन्य राहत और सहायता दिलाने में किसी प्रकार की देरी नहीं होने दी जाएगी। घायलों से अस्पताल में मिले आयुक्त-डीआईजी
पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद आयुक्त और डीआईजी जिला अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने घायल कुन्ता और अंशिका का हालचाल जाना तथा चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य और उपचार की जानकारी ली। आयुक्त ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि दोनों घायलों को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय सुविधा भी तत्काल उपलब्ध कराई जाए और उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी रखी जाए। परिवार को राहत और योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश
आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार को आपदा राहत के तहत अनुमन्य सहायता समय से उपलब्ध कराई जाए। पात्रतानुसार परिवार को आवास, आर्थिक सहायता और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया प्राथमिकता से पूरी की जाए। बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए भी आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
राजस्व अधिकारियों को अतिवृष्टि से हुई क्षति का नियमानुसार सर्वेक्षण और आकलन कराकर प्रभावित परिवार को राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। असुरक्षित मकानों से सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील
आयुक्त और डीआईजी ने ग्रामीणों से अपील की कि अतिवृष्टि के दौरान कच्चे, जर्जर और असुरक्षित मकानों में रहने वाले परिवार अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। मकान असुरक्षित लगने पर तत्काल सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। जरूरत पड़ने पर पंचायत भवन, प्राथमिक विद्यालय, रैन बसेरा, बारातघर अथवा प्रशासन द्वारा चिन्हित सुरक्षित स्थानों का उपयोग किया जाए। अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और असुरक्षित मकानों में रहने वाले परिवारों को चिन्हित कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अतिवृष्टि से प्रभावित प्रत्येक परिवार को प्रशासन की ओर से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी।