बाँदा-महिलाओं तथा बच्चों की बढ़ रही घटनाओं के रोकथाम के लिए आयोजित हुई कार्यशाला

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पुलिस लाइन सभागार में महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम एवं संरक्षण हेतु पुलिस विभाग और ग्रामीण स्वावलम्बन समिति के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय जिला स्तरीय स्टेकहोल्डर्स कार्यशाला का आयोजन किया गया।महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों,सुरक्षा तंत्र,कानूनी प्रावधानों, सहायता सेवाओं तथा पीड़ितों के पुनर्वास से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर मेविस टॉक की अध्यक्षता में महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम एवं संरक्षण हेतु पुलिस विभाग और ग्रामीण स्वावलम्बन समिति के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय जिला स्तरीय स्टेकहोल्डर्स कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारम्भ सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर व क्षेत्राधिकारी अतर्रा/महिला बाल सुरक्षा संगठन/मिशन शक्ति प्रतिज्ञा सिंह द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों एवं हितधारकों के मध्य समन्वय स्थापित कर महिलाओं एवं बच्चों के लिए सुरक्षित,संवेदनशील एवं न्यायपूर्ण वातावरण का निर्माण कर महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों,सुरक्षा तंत्र,कानूनी प्रावधानों, सहायता सेवाओं तथा पीड़ितों के पुनर्वास से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यशाला में जिला प्रशासन,पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग,स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग,बाल कल्याण समिति (CWC),वन स्टॉप सेंटर (OSC), सामाजिक संस्थाओं एवं अन्य संबंधित हितधारकों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध हिंसा केवल एक व्यक्तिगत या पारिवारिक समस्या नहीं है,बल्कि यह सामाजिक चिंता का विषय है। इसके समाधान के लिए सभी विभागों,संस्थाओं एवं समाज के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। वक्ताओं ने घरेलू हिंसा,बाल विवाह,लैंगिक भेदभाव, बाल श्रम,मानव तस्करी,यौन उत्पीड़न एवं साइबर अपराध जैसे मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यशाला में प्रतिभागियों को महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित विभिन्न कानूनों,हेल्पलाइन सेवाओं तथा शिकायत निवारण तंत्र की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही यह भी बताया गया कि पीड़ित व्यक्तियों को त्वरित सहायता,परामर्श,चिकित्सा सेवाएं,कानूनी सहायता एवं पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराने में विभिन्न विभाग किस प्रकार समन्वित रूप से कार्य करते हैं। साथ ही बताया गया कि हिंसा की रोकथाम के लिए केवल कानून का प्रभावी क्रियान्वयन ही पर्याप्त नहीं है,बल्कि समाज में संवेदनशीलता,जागरूकता और सकारात्मक सोच का विकास भी आवश्यक है। विद्यालयों, समुदायों एवं परिवारों के स्तर पर नियमित जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं एवं बच्चों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक एएचटीयू अनिल कुमार,प्रभारी एसजेपीयू अखिलेश प्रताप सिंह,ग्रामीण स्वावलम्बन समिति के प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर गोकुल,जिला समन्वयक राम प्रकाश,प्रिवेंशनिस्ट सुश्री ममता,राजेन्द्र बाबू,जूली चौरसिया एवं कमलेश उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त जिला प्रोबेशन अधिकारी (डीपीओ) मनोज कुमार राठौर, विधि सह परिवीक्षा अधिकारी भावना श्रीवास्तव,डीसीपीयू सदस्य राजीव सिंह,मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. पी.के. पाण्डेय,साथी संस्था की प्रतिनिधि आरती प्रजापति,जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. पियूष मिश्रा,चाइल्डलाइन से आकाश यादव,वन स्टॉप सेंटर से रमा साहू,आरपीएफ से निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी,आरक्षी प्रशांत यादव,महिला आरक्षी स्वेतलाना मौर्य एवं ज्योति गुप्ता सहित अन्य संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा जनपद के समस्त थानों से संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
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Author: UP TIMES NEWS

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