पढ़ाई को लेकर मां की डांट से नाराज होकर घर से निकला किशोर देर रात रेलवे स्टेशन पहुंच गया। स्टेशन पर संदिग्ध अवस्था में रोते हुए मिले बालक को आरपीएफ कर्मियों ने सहानुभूतिपूर्वक पूछताछ कर सुरक्षित संरक्षण में लिया और उसके परिजनों की तलाश शुरू की।
बांदा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पार्सल ऑफिस के सामने रात करीब 12:15 बजे आरपीएफ की गश्त और चेकिंग के दौरान एक बालक रोता हुआ दिखाई दिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसकी मां ने पढ़ाई के लिए डांटा था, जिससे नाराज होकर वह घर से निकल आया। बालक ने अपना नाम वैभव मिश्रा (14) पुत्र राजेश मिश्रा, निवासी बर्रा भाग-2, थाना बर्रा, कानपुर नगर बताया।
मौके पर मौजूद यात्री शहजाद अहमद ने भी आरपीएफ को बताया कि बालक उसके सामने घर से भागकर आने की बात कह रहा था। इसके बाद आरपीएफ टीम बालक को पोस्ट बांदा लेकर आई। वहां से बालक की मां आरती मिश्रा को फोन के माध्यम से सूचना दी गई। साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन बांदा के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर आकाश यादव को भी बालक के मिलने की जानकारी दी गई। कुछ समय बाद बालक के चाचा करूणेश मिश्रा निवासी बर्रा, कानपुर नगर, आरपीएफ पोस्ट बांदा पहुंचे। बालक ने उन्हें पहचान लिया, जिसके बाद आवश्यक तस्दीक की गई। चाइल्ड हेल्पलाइन बांदा के केस वर्कर प्रशांत कुमार और सुपरवाइजर रचना देवी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बालक की काउंसलिंग की। चाइल्ड हेल्पलाइन की मौजूदगी में सौंपा
काउंसलिंग और पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बालक को स्वस्थ हालत में उसके चाचा करूणेश मिश्रा के सुपुर्द कर दिया गया। यह कार्रवाई करीब सुबह 3:50 बजे पूरी हुई। ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत कार्रवाई
आरपीएफ द्वारा यह कार्रवाई ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत की गई। अभियान का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में अपने परिजनों से बिछड़े या घर से भटके बच्चों को सुरक्षित संरक्षण प्रदान कर उन्हें परिजनों तक पहुंचाना है।