हाईटेंशन लाइन का फॉल्ट ठीक करते समय करंट लगने से संविदा लाइनमैन की मौत हो गई। परिजनों ने विभागीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि शटडाउन लेने के बावजूद संबंधित एसएसओ ने जानबूझकर बिजली आपूर्ति चालू कर दी, जिससे यह हादसा हो गया। सूचना पर पहुंचे एसडीओ ने कार्रवाई और आर्थिक सहायता का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बदौसा थाना क्षेत्र के दुवरिया गांव के बगइचा पुरवा निवासी सरदार खान (35) पुत्र समीउल्ला खान पिछले तीन वर्षों से अतर्रा उपकेंद्र में संविदा लाइनमैन के पद पर कार्यरत था। भाई समशाद ने बताया कि बुधवार की अतर्रा पीजी कॉलेज के पास नहर पटरी पर केबल फॉल्ट की सूचना मिलने पर सरदार खान अपने साथी लाइनमैन उमाशंकर के साथ मरम्मत कार्य के लिए पहुंचे थे। खंभे पर चढ़ने से पहले उन्होंने नियमानुसार शटडाउन लिया था। आरोप है कि सरदार खान जैसे ही खंभे पर चढ़कर फॉल्ट ठीक करने लगे, उसी दौरान अचानक बिजली आपूर्ति चालू कर दी गई। हाईटेंशन करंट की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गया और खंभे से नीचे गिर पड़ा। साथी कर्मचारियों ने उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अतर्रा पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन अस्पताल पहुंच गए और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं आएंगे, तब तक शव नहीं उठाया जाएगा। सूचना मिलने पर एसडीओ मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि मृतक के परिजनों को शासन की ओर से 7.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। इसके अलावा विभाग के कर्मचारियों की ओर से चंदा एकत्र कर तीन लाख रुपये की अतिरिक्त मदद भी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही संबंधित एसएसओ के खिलाफ जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद परिजन शांत हुए।