मंडलीय विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही पर सख्ती के निर्देश दिए गए। जल जीवन मिशन से संबंधित आईजीआरएस शिकायतों की खराब रैंकिंग पर संबंधित मंडल एवं जिला स्तरीय अधिकारियों के वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट किया गया कि पोर्टल पर शिकायत का निस्तारण दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि और निस्तारण की गुणवत्ता भी सुनिश्चित करनी होगी।
आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल अजीत कुमार की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय सभागार में हुई बैठक में विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं, जनशिकायतों और कानून-व्यवस्था की विभागवार समीक्षा की गई। कृषि विभाग की समीक्षा में 39 शिकायतों में से 29 के फीडबैक असंतुष्ट पाए गए। इस पर नाराजगी जताते हुए उप निदेशक कृषि का रैंक सुधार होने तक वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को शिकायतों के वास्तविक, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। कमिश्नर अजीत कुमार के द्वारा सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि उप जिलाधिकारी, तहसीलदार और थाना प्रभारी प्रतिदिन कम से कम दो घंटे जनशिकायतों की सुनवाई करें। अधिकारी शिकायतकर्ता से स्वयं वार्ता कर समस्या की वास्तविक स्थिति समझें और संतुष्टिपरक निस्तारण सुनिश्चित करें। इसकी प्रतिदिन समीक्षा आयुक्त द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाएगी। जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कों का समुचित पुनर्स्थापन नहीं होने के मामलों की क्रॉस-चेकिंग कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया। चिल्ला चौराहा सड़क चौड़ीकरण के दौरान जल जीवन मिशन की पाइपलाइन प्रभावित होने की जानकारी मिलने पर संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से दोनों कार्य निर्धारित समय में पूरा कराने के निर्देश दिए गए। पशुपालन विभाग की समीक्षा में मंडल में 42 हजार के लक्ष्य के सापेक्ष करीब 900 पशुओं के टीकाकरण की प्रगति पर अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए। जलभराव वाले क्षेत्रों में पशुओं की सुविधा के लिए खड़ंजा आदि की व्यवस्था तथा सभी जनपदों में हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। मुख्य विकास अधिकारियों को खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से गौशालाओं की रैंडम जांच कराने के निर्देश दिए गए।
समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा में वृद्धावस्था पेंशन समेत अन्य योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को समय से लाभ दिलाने को कहा गया। दिव्यांगजन पेंशन, आधार सीडिंग और सहायक उपकरण वितरण की समीक्षा करते हुए पात्र लाभार्थियों के चिन्हांकन के बाद कैंप आयोजित कर जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में उपकरण वितरित कराने के निर्देश दिए गए। विद्यालयों में पठन-पाठन की गुणवत्ता सुधारने, विद्यार्थियों को ड्रेस और पुस्तकों का समय से वितरण कराने, स्वच्छता, रसोईघर की साफ-सफाई और शिक्षकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया। विद्युत विभाग को निचले स्तर तक प्रभावी मॉनिटरिंग करते हुए लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। शासकीय कार्यों में ई-ऑफिस प्रणाली का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में सभी जनपदों में ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित कराने, अस्पतालों में साफ-सफाई, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। चिकित्सकों को अनावश्यक रूप से बाहर की दवाएं नहीं लिखने के निर्देश भी दिए गए। विभिन्न विकास योजनाओं में महोबा की प्रगति अपेक्षाकृत कम पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को रैंकिंग में सुधार लाने और योजनाओं की गति बढ़ाने को कहा गया। लोक निर्माण विभाग को मंडल की सड़कों को गड्ढामुक्त कराने तथा बारिश के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों पर शीघ्र पैचिंग कराने के निर्देश दिए गए। ओडीओपी वित्त पोषण योजना में सभी जनपदों को रैंकिंग सुधारने और पात्र लाभार्थियों को समय से लाभ दिलाने को कहा गया। महोबा में पुराने वादों के निस्तारण में प्राथमिकता के आधार पर तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पंडित दीनदयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइट योजना, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीएम कुसुम योजना, डीबीटी, एनआरएलएम, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण, जननी सुरक्षा योजना, मोबाइल मेडिकल यूनिट, सीटी स्कैन, दिव्यांग पेंशन, जल जीवन मिशन, फैमिली आईडी, 15वां वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, स्वच्छ भारत मिशन, अंडा उत्पादन, निराश्रित गोवंश संरक्षण, पशु टीकाकरण, दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति, शादी अनुदान, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, आईसीडीएस एवं पोषण अभियान, निराश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, प्रोजेक्ट अलंकार, लोक निर्माण विभाग की नई सड़कों का निर्माण, कन्या विवाह सहायता योजना और सेवायोजन समेत विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी बांदा अमित आसेरी, जिलाधिकारी चित्रकूट पुलकित गर्ग, मंडल के मुख्य विकास अधिकारी, अपर आयुक्त (प्रशासन) अमरपाल सिंह, संयुक्त विकास आयुक्त अरविंद कुमार समेत मंडल और जनपद स्तरीय संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
जनशिकायतों पर रोज होगी निगरानी
एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी रोज कम से कम दो घंटे जनशिकायतों की सुनवाई करेंगे। शिकायतकर्ता से संवाद कर वास्तविक समस्या समझने और संतुष्टिपरक निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। गौशालाओं और पशु टीकाकरण पर भी सख्ती
मंडल में 42 हजार के लक्ष्य के सापेक्ष करीब 900 टीकाकरण की प्रगति पर अभियान तेज करने को कहा गया। गौशालाओं की रैंडम जांच और हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।