भीषण गर्मी तथा हीट वेव के दृष्टिगत कमिश्नर अजीत कुमार ने अस्पतालों में कूलर तथा एसी को निरंतर क्रियाशील रखने के निर्देश दिए हैं। ताकि गर्मी में मरीज परेशान न हो सके।
आयुक्त चित्रकूटधाम मण्डल अजीत कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की मण्डल स्तरीय भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परिवार नियोजन कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकतम नसबंदी कार्य करने वाले कार्मिकों को प्रोत्साहित करने की नीति को प्रभावी बताया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को प्रोत्साहन एवं सम्मान प्रदान कर परिवार नियोजन कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया। आयुक्त द्वारा राजकीय मेडिकल कॉलेज सहित समस्त स्वास्थ्य संस्थानों में साफ-सफाई, सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं एवं मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिला चिकित्सालयों में आईपीएचएल लैब के अंतर्गत निर्धारित 117 जांचों के सापेक्ष अभी तक कई जांचों के प्रारंभ न होने पर असंतोष व्यक्त करते हुए माइक्रोबायोलॉजी एवं वायरोलॉजी लैब को तत्काल प्रारंभ कराने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि परीक्षा केन्द्रों पर ओ0आर0एस0 एवं एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि विद्यार्थियों एवं आमजन को गर्मी से राहत मिल सके। प्रसव के उपरांत महिलाओं को न्यूनतम 48 घंटे तक चिकित्सकीय निगरानी में रखने के निर्देश भी दिए गए, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा में वर्ष 2026-27 के वार्षिक लक्ष्यों को मासिक लक्ष्यों में विभाजित कर प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आयुक्त अजीत कुमार ने निर्देशित किया कि समस्त जिला चिकित्सालयों/स्पेशल चिकित्सालयों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। वर्तमान में पड़ रही गर्मी के दृष्टिगत आयुक्त ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एसी, कूलर एवं पंखों को पूर्णतः क्रियाशील रखने, शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने, हीट-रिलेटेड वार्ड स्थापित करने तथा हीट स्ट्रोक से संबंधित दवाओं एवं प्राथमिक उपचार सामग्री की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल परिसरों एवं वार्डों में साफ-सफाई, संक्रमण नियंत्रण एवं मरीजों की सुविधा का विशेष ध्यान रखने को कहा गया। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर न किया जाए, स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों एवं कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा ड्यूटी रोस्टर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाए। आयुक्त ने मण्डल एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों को अधिकाधिक क्षेत्रीय भ्रमण कर जमीनी स्तर पर कमियों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खराब प्रदर्शन करने वाले स्टाफ की नियमित समीक्षा कर उनके विरुद्ध सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक, संयुक्त निदेशक, जनपदों के प्राचार्य (राजकीय मेडिकल कॉलेज), मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक आदि अधिकारी उपस्थित रहे।