राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत संचालित संकुल स्तरीय संघों के पदाधिकारियों एवं संकुल स्तर पर कार्यरत स्टाफ की समीक्षा बैठक में सीडीओ ने मिशन के लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने संकुल संघ कार्यालयों की कार्यप्रणाली में सुधार, स्वयं सहायता समूहों के सशक्तीकरण तथा वित्तीय समावेशन को प्राथमिकता देते हुए सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए निर्देशित किया है।
बैठक में सीडीओ अजय कुमार पांडेय ने संकुल स्तरीय संघों के माध्यम से संचालित कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए पदाधिकारियों को उनकी भूमिका, जिम्मेदारियों एवं सामुदायिक भागीदारी के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के बैंक खाते खोलने की प्रक्रिया को सरल एवं व्यवस्थित बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि आवेदन प्रपत्र भरने का कार्य समूह सखी तथा खाते खुलवाने का कार्य बैंक सखी के माध्यम से कराया जाए। पात्र समूहों की सूची तैयार करने की जिम्मेदारी डीएमएम-एसएमसीबी तथा बैंकों से समन्वय स्थापित कर खाते सफलतापूर्वक खुलवाने का दायित्व डीएमएम-एमएफएफआई को सौंपा गया। सीडीओ अजय कुमार पांडेय ने समूहों, ग्राम संगठनों एवं संकुल स्तरीय संघों के सभी अभिलेखों एवं दस्तावेजों को नियमित रूप से अद्यतन रखने के निर्देश दिए। साथ ही लोकोस पोर्टल पर संकुल स्तरीय संघों, ग्राम संगठनों एवं समूहों के सभी वित्तीय लेन-देन समयबद्ध ढंग से अपडेट करने की जिम्मेदारी डीएमएम-एमआईएस को सौंपी गई। उन्होंने स्टाफ एवं कैडर प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए योग्य कैडरों का चयन, समय पर प्रशिक्षण तथा उनके कार्यों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रत्येक कैडर के मानदेय की मांग प्रत्येक माह की 7 तारीख तक विकास खंडों से प्राप्त करने की जिम्मेदारी संबंधित डीएमएम को सौंपी गई। बैठक में सभी संकुल स्तरीय संघ कार्यालयों को निर्धारित समय पर संचालित करने, गठित समितियों की नियमित बैठकें कराने, आवश्यकतानुसार पदाधिकारियों में बदलाव करने, अन्य विभागों की योजनाओं के लाभार्थियों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने तथा निष्क्रिय समूहों को चिन्हित कर उन्हें पुनः सक्रिय करने के निर्देश भी दिए गए।
समीक्षा के दौरान विकास खंड जसपुरा, तिन्दवारी एवं महुआ की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर सीडीओ अजय कुमार पांडेय ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन विकास खंडों के प्रदर्शन में सुधार के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बिना पूर्व सूचना के बैठक से अनुपस्थित रहने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।