कोडीन सिरप की तस्करी के मामले में पुलिस ने एक और वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी पूर्व में पकड़े गए गिरोह के मुख्य आरोपी का जीजा बताया गया है। पुलिस के अनुसार वह मेडिकल एजेंसी के जरिए कोडीन युक्त सिरप मंगाने और उसे रैपर बदलकर अवैध रूप से सप्लाई करने में शामिल था।
गौरतलब हो कि थाना बिसंडा पुलिस ने 25 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर बांदा-चित्रकूट रोड पर बदौसा स्टेशन रोड तिराहे के पास से हमीरपुर निवासी रविन्द्र पुत्र शिवराम को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक रविन्द्र हमीरपुर में मेडिकल एजेंसी संचालित करता था। इसी एजेंसी के माध्यम से कोडीन युक्त सिरप मंगाया जाता था। इसके बाद रैपर बदलकर और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर सिरप को मेडिकल स्टोर के बजाय नशे के कारोबार के लिए अतर्रा, बांदा, चित्रकूट और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों में महंगे दामों पर सप्लाई किया जाता था।
पुलिस के अनुसार 3 सितंबर को यूपी एसटीएफ और थाना बिसंडा की संयुक्त टीम ने करीब 60 लाख 45 हजार रुपये कीमत की 250 पेटियों में 30 हजार कोडीन सिरप की शीशियां बरामद की थीं। मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर दो वाहनों को सीज किया गया था। गिरोह का मुख्य आरोपी प्रियांशु उर्फ किशन फरार था, जिसे 7 सितंबर को आगरा से गिरफ्तार किया गया था।
सीओ बबेरू कृष्णकांत त्रिपाठी ने बताया कि नशीली और प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। कोडीन सिरप की तस्करी से जुड़े नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अवैध नशीली दवाओं के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। बताया कि अभियुक्त मुख्य आरोपी प्रियांशु का रविन्द्र बहनोई है। रविन्द्र की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तार करने वाली टी2फम में थानाध्यक्ष बिसंडा चन्द्रप्रकाश तिवारी, चौकी प्रभारी बिलगांव गौरव मिश्रा और कांस्टेबल जितेन्द्र कुमार शामिल रहे।