बाँदा-बारिश-गरज के बीच 26 सितंबर को बंद रहेंगे सभी शिक्षण संस्थान

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लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए मंडल प्रशासन ने जनसुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल अजीत कुमार ने मंडलवासियों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 25 से 27 सितंबर तक उत्तर प्रदेश में बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बनी रहने की चेतावनी है।
आयुक्त ने आमजन से अत्यधिक बारिश, जलभराव और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की अपील की है। नदी, नाले, तालाब, पोखर और अन्य जलभराव वाले स्थानों के पास जाने से बचने तथा बच्चों को भी ऐसे स्थानों से दूर रखने को कहा गया है। बारिश के दौरान पुलिया, रपटे और तेज बहाव वाले मार्गों को पार करने का प्रयास न करने तथा प्रशासन की ओर से जारी चेतावनी और निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
आकाशीय बिजली और तेज हवा की स्थिति में खुले मैदान, पेड़ के नीचे, विद्युत खंभों और तारों के आसपास खड़े न होने की सलाह दी गई है। सुरक्षित भवन या अन्य सुरक्षित स्थान पर रहने तथा विद्युत उपकरणों और तारों से सावधानी बरतने को कहा गया है। टूटे या झुके हुए विद्युत तारों को न छूने और इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग को देने के निर्देश दिए गए हैं।
26 सितंबर को बंद रहेगा शिक्षण कार्य
छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के दृष्टिगत मंडल के सभी जिलाधिकारियों को 26 सितंबर 2026 को जनपद के समस्त राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों तथा सभी महाविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षण कार्य बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारियों को तत्काल आवश्यक आदेश जारी कर संबंधित शिक्षण संस्थानों में इसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।
संवेदनशील क्षेत्रों की होगी लगातार निगरानी
आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को जिला एवं तहसील स्तर पर आपदा नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखने तथा संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी-नालों और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन तैयार रखने को कहा गया है। राजस्व, पुलिस, नगर निकाय, पंचायतीराज, सिंचाई, स्वास्थ्य, विद्युत, लोक निर्माण विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। जलभराव वाले मार्गों की निगरानी, जल निकासी की व्यवस्था, क्षतिग्रस्त सड़कों और पुल-पुलियों की स्थिति का परीक्षण तथा आवागमन में आने वाली बाधाओं का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बीमारियों की रोकथाम और स्वच्छ पेयजल पर जोर स्वास्थ्य विभाग को बारिश के कारण संभावित जलजनित एवं संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक दवाओं और चिकित्सकीय सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित रखने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। पशुपालन विभाग को जलभराव वाले क्षेत्रों और गौशालाओं में पशुओं की सुरक्षा, चारे और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आपात स्थिति में पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की पूर्व तैयारी रखने को कहा गया है।
क्षतिग्रस्त सड़कों का करें नियमित निरीक्षण
लोक निर्माण विभाग और संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को लगातार बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों, जलभराव वाले स्थानों और संवेदनशील मार्गों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता के अनुसार तत्काल सुरक्षात्मक एवं मरम्मत कार्य कराने तथा किसी मार्ग पर आवागमन बाधित होने पर वैकल्पिक व्यवस्था और आवश्यक सूचना सार्वजनिक करने को कहा गया है।
तहसील एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर स्थिति का स्थलीय अनुश्रवण करने तथा जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपदा की स्थिति में उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए राहत एवं बचाव की कार्रवाई तत्काल शुरू करने को कहा गया है।
अफवाहों से बचने की अपील
आयुक्त ने मंडलवासियों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा मौसम एवं आपदा संबंधी सूचनाओं के लिए केवल अधिकृत सरकारी माध्यमों पर भरोसा करने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों को तत्काल सूचना देने तथा बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।
आयुक्त अजीत कुमार ने स्पष्ट किया कि वर्तमान मौसम की स्थिति में जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी सजगता, तत्परता और आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सक्रिय रखें।
मौसम में सावधानी जरूरी
भारी बारिश और गरज-चमक के दौरान नदी-नालों, तालाबों, रपटों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। आकाशीय बिजली के समय पेड़, विद्युत खंभों और खुले स्थानों में खड़े न हों।
26 सितंबर को स्कूल-कॉलेज बंद
छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए 26 सितंबर को मंडल के सभी राजकीय, सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षण कार्य बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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Author: UP TIMES NEWS

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