अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक में न्यायालयों में लंबित वादों के समयबद्ध निस्तारण और प्रभावी पैरवी को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। गंभीर प्रकृति के अपराधों से जुड़े मामलों में विशेष प्राथमिकता के साथ पैरवी करने तथा आवश्यक साक्ष्य एवं अभिलेख समय से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कराने पर जोर दिया गया।
जिलाधिकारी अमित आसेरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में अभियोजन से संबंधित विभिन्न कार्यों, न्यायालयों में लंबित वादों और पैरवी की प्रगति की विभागवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिवक्ताओं एवं अभियोजन अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों में प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण पैरवी सुनिश्चित की जाए, ताकि वादों का समयबद्ध निस्तारण हो सके। उन्होंने कहा कि अभियोजन कार्यों में समन्वय, गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। पुलिस एवं अभियोजन विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय से न्यायालयों में विचाराधीन मामलों की नियमित समीक्षा करें। जिन प्रकरणों में किसी स्तर पर कार्रवाई लंबित है, उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने शासन की मंशा के अनुरूप पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने और अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अभियोजन कार्यों की निरंतर निगरानी के निर्देश दिए। विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों की स्थिति, निस्तारण की प्रगति और पैरवी की गुणवत्ता की नियमित समीक्षा करने को भी कहा। नियमित समीक्षा से तेजी लाने पर जोर
बैठक में लंबित मामलों की स्थिति पर लगातार नजर रखने और पैरवी से संबंधित कमियों को समय से दूर करने के निर्देश दिए गए, ताकि न्यायालयों में विचाराधीन प्रकरणों के निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो। गंभीर मामलों में साक्ष्य समय से पेश करने के निर्देश
गंभीर अपराधों से संबंधित मामलों में आवश्यक साक्ष्य और अभिलेख समय से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कराने तथा प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में अपर जिला अधिकारी न्यायिक माया शंकर यादव सहित अभियोजन विभाग के अधिकारी, संबंधित पुलिस अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।