दरवाजे में करंट उतर आने से महिला चपेट में आ गई। परिजनों ने उसे करंट से मुक्त से छुड़ाने के बाद उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में महिला की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया।
नरैनी कोतवाली क्षेत्र के राजीव नगर मोहल्ला निवासी सुशीला देवी विश्वकर्मा (60) पत्नी बसंतलाल शनिवार रात करीब 10 बजे घर के कमरे का दरवाजा बंद कर रही थीं। इसी दौरान लोहे के दरवाजे में करंट उतर आया और वह उससे चिपक गईं। परिजनों ने किसी तरह उन्हें करंट से मुक्त कराया। वह अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ीं। परिजन उन्हें आनन-फानन में उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजन उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर जा रहे थे, तभी रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया।
महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। करंट की चपेट में आने से हुई अचेत
दरवाजा बंद करते समय महिला अचानक करंट की चपेट में आ गईं। परिजनों ने उन्हें करंट से मुक्त कराने के बाद तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। सीएचसी से मेडिकल कॉलेज ले जाते समय महिला की रास्ते में मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की।