जनपद में विकास योजनाओं को गति देने, निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने और कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में किसान हित की योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, पशुपालन, विद्युत, सिंचाई, सड़क निर्माण और कानून व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अधिकारियों को प्रभावी दिशा-निर्देश दिए गए।
सर्किट हाउस सभागार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात उत्तर प्रदेश दिनेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा बैठक हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और लंबित कार्यों को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए गए। किसान योजनाओं से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक दिए निर्देश
किसान हित की योजनाओं की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फार्मर रजिस्ट्री, मृदा स्वास्थ्य, बीज एवं उर्वरक की उपलब्धता तथा किसान क्रेडिट कार्ड की प्रगति की जानकारी ली गई। पात्र किसानों को योजनाओं से अधिक से अधिक जोड़ने और शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
पीएम-कुसुम योजना के तहत स्थापित सोलर पंपों की समीक्षा करते हुए पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाने तथा जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्रमाण-पत्र वितरित कराने को कहा गया। गत वर्ष की तुलना में वर्तमान वर्ष में खाद, उर्वरक और बीज की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
एकीकृत बागवानी विकास मिशन की समीक्षा में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नई एवं उपयोगी बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि बाँदा की जलवायु राजस्थान के कुछ क्षेत्रों से मिलती-जुलती है, इसलिए यहां की जलवायु के अनुरूप नवीन फसलों और बागवानी की संभावनाओं पर कार्य किया जाए। जनप्रतिनिधियों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एक सप्ताह के भीतर संपर्क करने के निर्देश भी दिए गए।
पर ड्रॉप मोर क्रॉप यानी माइक्रो इरिगेशन योजना की समीक्षा करते हुए क्लस्टरवार कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा गया। विद्युत खंभे स्थापित होने के बावजूद जहां तारों की जाली अथवा फेंसिंग का कार्य लंबित है, वहां इसे शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में आरबीएसके, पीएमजीए, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, चिकित्सकों की उपलब्धता और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थिति की जानकारी ली गई। बाढ़ एवं जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए सीएचसी, पीएचसी और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को विशेष स्वास्थ्य कैंप लगाने तथा त्वरित उपचार और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान पशु चिकित्सा अधिकारियों की उपलब्धता की जानकारी ली गई। सभी गौशालाओं में पाकड़ सहित छायादार एवं उपयोगी पौधे लगाने तथा निराश्रित गौवंशों के समुचित संरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। निर्माण कार्यों की समयसीमा और कानून व्यवस्था पर सख्ती
बैठक में 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली निर्माण परियोजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई। उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड के कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए गए। रामगढ़ सहित विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। नरैनी रोड से बाँदा-महोबा रोड, निर्माणाधीन तहसील पैलानी से गलौली मार्ग, सिंधनकल-लसड़ा मार्ग, तुर्रा नाला तथा श्रेणी-बी विधि विज्ञान प्रयोगशाला समेत प्रमुख परियोजनाओं को समय से पूरा कराने के निर्देश दिए गए। अवधि पूरी होने के बावजूद लंबित तीन प्रमुख कार्यों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया। बरसात में क्षतिग्रस्त सड़कों की सूची तैयार कर आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश भी दिए गए। जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा बबेरू-मरका मार्ग की क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत का आग्रह किए जाने पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पूर्ण हो चुकी सभी परियोजनाओं की सूची तैयार कर समय निर्धारित करते हुए जनप्रतिनिधियों के माध्यम से लोकार्पण कराने को कहा गया। लोक निर्माण विभाग को बाँदा-बहराइच मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुंदरीकरण का कार्य समय से पूरा कराने तथा केन-बेतवा लिंक नहर परियोजना निर्माण खंड-1 को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए गए।
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान सभी विद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाकर विद्यार्थियों को कानून एवं सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के निर्देश पुलिस अधीक्षक को दिए गए। अभियोजन कार्यों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। फर्जी रजिस्ट्री की रोकथाम के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने तथा प्रमुख चौराहों पर होर्डिंग लगाकर लोगों को रजिस्ट्री कराने से पहले अभिलेखों और संबंधित जानकारी की विधिवत जांच कराने के लिए जागरूक करने को कहा गया। विरासत के शस्त्र लाइसेंस के लंबित मामलों की जानकारी लेते हुए निर्देश दिया गया कि वरासत से संबंधित कोई भी लाइसेंस अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। रजिस्ट्री कार्यालयों में निजी व्यक्तियों द्वारा अनधिकृत रूप से कार्य किए जाने पर रोक लगाने और ऐसे लोगों को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
मंडी व्यवस्था में अनियमितताओं के मामले में सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी द्वारा मंडी समिति के सचिव प्रदीप रंजन के कार्य व्यवहार एवं मंडी से जुड़े विषयों की जानकारी दिए जाने पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को मंडी की जांच कराने के निर्देश दिए गए। अतिक्रमण रोकने और दुकानों के आवंटन आदि की भी जांच कराने को कहा गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने बबेरू धान मंडी में बाहरी व्यक्तियों द्वारा धर्मकांटा लगाए जाने, घटतौली और अवैध व्यापार की शिकायत रखी। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। मंडी परिसर में अधिकृत कांटा स्थापित कराने को कहा गया, ताकि घटतौली पर प्रभावी नियंत्रण और अवैध व्यापार पर अंकुश लगाया जा सके। बैठक के दौरान जिलाधिकारी अमित आसेरी ने आश्वस्त किया कि मंत्री द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का प्रभावी एवं समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। संबंधित विभागों के कार्यों की नियमित समीक्षा कर शासन की योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ जनसामान्य तक पहुंचाया जाएगा। मंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं और विकास कार्यों का वास्तविक लाभ आमजन तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, गुणवत्तापूर्ण कार्य और निर्धारित समयसीमा में परियोजनाओं को पूरा कराएं।
मौजूद रहे: जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद, सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी, जिला भाजपा अध्यक्ष कल्लू सिंह राजपूत, जिलाधिकारी अमित आसेरी, पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल सहित जनप्रतिनिधिगण एवं संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी।