जसपुरा क्षेत्र में लंबे समय से बिजली कटौती से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार कई घंटे बिजली गुल रहने से उमस और गर्मी के बीच जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बिजली संकट से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन से व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है।
बाँदा के जसपुरा ब्लॉक में पिछले एक माह से अधिक समय से बिजली व्यवस्था प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए सपा नेता पुष्पेंद्र सिंह चुनाले के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने तहसीलदार पैलानी महेंद्र गुप्ता को शिकायत पत्र सौंपा। ग्रामीणों के अनुसार कानाखेड़ा-चंदवारा पावर स्टेशन समेत ब्लॉक के आठ फीडरों से जुड़े गांवों में 24 घंटे के दौरान 12 घंटे से अधिक बिजली कटौती हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही कई गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है और कई-कई घंटे तक बिजली गुल रहती है। इससे रात में गांवों में अंधेरा छाया रहता है और लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। उमस और गर्मी के बीच लंबे समय तक बिजली न मिलने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई पर असर
ग्रामीणों के मुताबिक लगातार बिजली कटौती का सीधा असर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा है। रात के समय बिजली न होने के कारण बच्चों को पढ़ाई करने में दिक्कत होती है। परीक्षा और पढ़ाई के महत्वपूर्ण समय में बिजली संकट से अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है। बरसात में बढ़ा खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में लंबे समय तक अंधेरा रहने से परेशानी और बढ़ जाती है। उनका कहना है कि अंधेरे में सांप और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है। रात में आवागमन करने वाले लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों पर शिकायतों को गंभीरता से न लेने का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि शिकायत के लिए फोन करने पर कई बार अधिकारी फोन नहीं उठाते और फोन उठने पर बिजली कटौती ऊपर से होने की बात कही जाती है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित अवधि तक बिजली आपूर्ति का दावा करती है तो जसपुरा क्षेत्र के गांवों में लंबे समय तक बिजली गुल क्यों रहती है। बिजली संकट से नाराज ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी पैलानी से मामले में हस्तक्षेप कर विद्युत विभाग के अधिकारियों से वार्ता कराने और बिजली आपूर्ति सुचारू कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन देने में सपा नेता पुष्पेंद्र सिंह चुनाले, जैविजय सिंह मेंबर (पूर्व प्रधान गौरी खुर्द), अभिषेक सिंह (प्रधान प्रतिनिधि गौरी खुर्द), पुष्पेंद्र कुमार (प्रधान प्रतिनिधि गडोला), मुलायम सिंह यादव (नरजिता), जगमोहन सिंह, संदीप सिंह, संतराम वाल्मीकि, जयपाल सिंह, मनोज कुमार, अन्नू सिंह (मड़ौली), राहुल यादव, अर्जुन सिंह, रामबरन सिंह, श्यामवीर सिंह, जगदीश यादव (नरौली), मनोज सिंह, रामलखन सिंह, पप्पू सिंह, करन कश्यप, जनार्दन सिंह, रमेश सिंह (चंदवारा), प्रदीप सिंह कच्छवाह, रामानंद यादव, जीतू सिंह, राजबाबू, शिवम, राकेश सिंह, सुशील परिहार, विनोद, आदित्य कुमार, धर्मेंद्र चौरसिया, भगवान दास सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।