प्रतिबंधित और नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोडीन सिरप की तस्करी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी पर नशीली दवाओं के रैपर बदलकर कूट रचित दस्तावेज तैयार करने और प्रतिबंधित सिरप को नशे के कारोबार में खपाने का आरोप है।
थाना बिसंडा पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने गिरोह के मुख्य आरोपी को जनपद आगरा से गिरफ्तार किया है। इससे पहले 3 सितंबर को यूपीएसटीएफ और थाना बिसंडा की संयुक्त टीम ने गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से करीब 60 लाख 45 हजार रुपये कीमत की 250 पेटियों में रखी 30 हजार कोडीन सिरप की शीशियां बरामद हुई थीं। तस्करी में प्रयुक्त दो वाहनों को भी कब्जे में लिया गया था। पुलिस के अनुसार, इस मामले में फरार चल रहे गिरोह के मुख्य आरोपी प्रियांशु उर्फ किशन पुत्र मुन्ना लाल निवासी अतर्रा, कुशवाहा मैरिज हाल के पास, थाना अतर्रा, जनपद बांदा को पुलिस टीम ने आगरा से गिरफ्तार कर लिया। वह गिरोह के लिए कोडीन सिरप की सप्लाई और तस्करी के नेटवर्क को संचालित करता था। पुलिस ने बताया कि आरोपी नई दिल्ली से कोडीन सिरप लाता था। इसके बाद रैपर में बदलाव कर कूट रचित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे। मेडिकल स्टोर पर बिक्री के बजाय इस सिरप को नशे के कारोबार में इस्तेमाल करने के लिए अतर्रा, बांदा, चित्रकूट और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में महंगे दामों पर सप्लाई किया जाता था। इस मामले में थाना बिसंडा में मुकदमा अपराध संख्या 405/26 के तहत धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस तथा 8/21/22/29 एनडीपीएस एक्ट में अभियोग दर्ज है। पहले चार आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस ने 3 सितंबर को धीरेंद्र, प्रवीण उर्फ लकी, रोहित और शेखर को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से भारी मात्रा में कोडीन सिरप और परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे दो वाहन बरामद हुए थे। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और नशीली दवा की सप्लाई के नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटा रही है। गिरफ्तार करने वाली टीम में यह रहे शामिल
चन्द्रप्रकाश तिवारी, थानाध्यक्ष बिसंडा,आनंद कुमार, प्रभारी एसओजी,गौरव मिश्रा, चौकी प्रभारी बिलगांव,हेड कांस्टेबल अश्वनी प्रताप सिंह,कांस्टेबल मनीष मिश्रा और कांस्टेबल प्रतीक सिंह शामिल रहे।