बाढ़ और दैवीय आपदा से तबाह लोगों को सरकारी मदद दिलाने के बजाय उनसे ही रकम वसूले जाने का वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया। वायरल वीडियो में एक महिला लेखपाल और एक निजी व्यक्ति कथित तौर पर ग्रामीणों से धनराशि लेते दिखाई दे रहे हैं। मामला सामने आते ही प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की है।
बांदा जिले की अतर्रा तहसील के ग्राम बल्लान से जुड़ा यह मामला है। सोशल मीडिया व्हाट्सऐप के माध्यम से वायरल हुए वीडियो में ग्राम बल्लान की लेखपाल संध्या सिंह और एक निजी व्यक्ति कथित तौर पर ग्रामीणों से धनराशि लेते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में मौके पर कुछ ग्रामीण भी मौजूद नजर आ रहे हैं। आरोप है कि बाढ़ और दैवीय आपदा में क्षतिग्रस्त मकानों को क्षतिग्रस्त अथवा पात्र दिखाने के नाम पर ग्रामीणों से रकम ली जा रही थी। वीडियो वायरल होने के बाद जिलाधिकारी अमित आसेरी ने मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद उपजिलाधिकारी अतर्रा ने प्रकरण की जांच कराई। प्रथम दृष्टया मामला गंभीर पाए जाने पर संबंधित लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। डीएम अमित आसेरी ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक आपदा के समय पीड़ित परिवारों को शासन की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे समय में किसी कर्मचारी द्वारा सहायता दिलाने के नाम पर धनराशि वसूलना अत्यंत निंदनीय है और इससे शासन-प्रशासन की छवि प्रभावित होती है। निलंबन के साथ जांच शुरू
प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए नायब तहसीलदार अतर्रा शिवदीप को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच में वायरल वीडियो में सामने आए आरोपों और अन्य तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। दोष सिद्ध होने पर आगे की विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है। क्षतिग्रस्त मकानों की दोबारा तैयार होगी सूची
तहसीलदार अतर्रा को निर्देश दिए गए हैं कि ग्राम बल्लान में बाढ़ एवं दैवीय आपदा के तहत क्षतिग्रस्त मकानों की सूची तैयार कराकर पात्र प्रभावित परिवारों को शासन द्वारा निर्धारित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। प्रशासन ने आपदा प्रभावित लोगों को नियमानुसार सहायता दिलाने के निर्देश दिए हैं।