बारिश के बीच अचानक कच्चा मकान भरभराकर ढह गया। हादसे के वक्त घर के अंदर एक ही परिवार के पांच लोग मौजूद थे। मकान के मलबे में दबने से पिता और उनकी तीन बेटियों की मौत हो गई, जबकि एक बेटी करीब डेढ़ घंटे तक मलबे में दबी रही। उसे गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया है।
कानपुर के घाटमपुर थाना क्षेत्र के हिरनी गांव में रविवार सुबह करीब साढ़े दस बजे दो मंजिला कच्चा मकान अचानक ढह गया। हादसा होते ही चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना देने के साथ ही अपने स्तर पर राहत-बचाव शुरू कर दिया। ग्रामीणों की मदद से गृहस्वामी मुकेश सिंह और उनकी बेटियों माया, नीतू व पल्लवी को मलबे से बाहर निकाला गया। सभी को पतारा सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया। एक साथ चार मौतों की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। डेढ़ घंटे बाद मलबे से निकली काजल
हादसे के बाद काजल उर्फ लक्ष्मी मलबे में काफी गहराई में दब गई थी। ग्रामीण लगातार मलबा हटाकर उसकी तलाश में जुटे रहे। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला गया। उसकी हालत गंभीर बताई गई है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस के देर से पहुंचने का ग्रामीणों ने लगाया आरोप
हादसे के बाद ग्रामीणों में पुलिस और प्रशासन के रवैये को लेकर नाराजगी भी सामने आई। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची। उनका कहना है कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने मलबा हटाकर दबे लोगों को निकालने का प्रयास शुरू कर दिया था। इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मकान गिरने की घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से गांव में मातम पसरा है। हादसे के बाद राहत-बचाव कार्य में ग्रामीणों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया।