झारखंड सरकार को रविवार तड़के बड़ा झटका लगा। राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री और झामुमो के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू का अचानक निधन हो गया। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
गिरिडीह में शनिवार देर रात उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी। इसके बाद उन्हें मर्सी अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब साढ़े तीन बजे चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। निधन की खबर सामने आते ही झामुमो कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई। सुदिव्य कुमार सोनू शनिवार को शिक्षक दिवस से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय रहे थे। गिरिडीह के इस्लामिया उर्दू मिडिल स्कूल के शताब्दी समारोह में भी उन्होंने हिस्सा लिया था। इसके कुछ ही घंटे बाद अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। सुदिव्य कुमार सोनू गिरिडीह सदर विधानसभा क्षेत्र से झामुमो के विधायक थे। वर्ष 2019 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव जीता था। इसके बाद 2024 में लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए और हेमंत सोरेन सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। सरकार में उनके पास उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के साथ नगर विकास तथा पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी। वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी नेताओं में भी गिने जाते थे। राजनीतिक सफर में लगातार बढ़ता गया कद
सुदिव्य कुमार सोनू ने 2009 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली। 2014 में वह दूसरे स्थान पर रहे। इसके बाद 2019 में उन्होंने जीत दर्ज की और 2024 में लगातार दूसरी बार गिरिडीह से विधायक बने। झामुमो को बड़ा झटका
अचानक हुए निधन से झारखंड मुक्ति मोर्चा को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया है।