बाँदा-इंजीनियरिंग छात्रों को सफलता का मंत्र, लक्ष्य से न भटकने की एएसपी ने दी सीख

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नवप्रवेशित इंजीनियरिंग छात्रों के लिए आयोजित प्रेरक व्याख्यान में उन्हें अनुशासन, निरंतर अध्ययन, समय प्रबंधन, सकारात्मक सोच और तकनीकी ज्ञान के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। छात्रों को साइबर अपराध से बचाव और डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित इस्तेमाल की जानकारी भी दी गई।
जनपद के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रयुक्त विज्ञान एवं मानविकी विभाग की ओर से 5 से 25 अगस्त तक आयोजित इंडक्शन प्रोग्राम-2026 के तहत 20 अगस्त को प्रेरक व्याख्यान हुआ। कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवराज मुख्य अतिथि रहे। अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. विभाष यादव ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया, जबकि इंडक्शन प्रोग्राम के प्रभारी एवं विभागाध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र बादल ने मुख्य अतिथि को मोमेंटो और शॉल देकर सम्मानित किया। डॉ. शैलेन्द्र बादल ने छात्रों से संस्थान की शैक्षणिक और अन्य गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करने, अपनी प्रतिभा निखारने तथा कुशल इंजीनियर के साथ जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि डॉ. शिवराज ने ‘सरवाइवल ऑफ फिटेस्ट’ विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अपने छात्र जीवन के संस्मरण साझा किए। उन्होंने बताया कि 37 वर्ष पहले वह भी छात्रों की तरह बीटेक प्रथम वर्ष के विद्यार्थी थे। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन में लिए गए निर्णयों को मूर्त रूप देना, हुनर सीखना और निरंतर अध्ययन ही सफल भविष्य की नींव है। उन्होंने छात्रों से अपने लक्ष्य को समझने, स्वयं पर विश्वास रखने और पूरी निष्ठा व लगन के साथ लगातार प्रयास करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि इंजीनियर देश के विकास और विकसित भारत के संकल्प में अहम भूमिका निभा सकते हैं। छात्रों को अपने देश, समाज, स्वयं और अपने काम पर गर्व करने का मंत्र भी दिया।
शॉर्टकट छोड़कर मूलभूत अवधारणाओं पर दें ध्यान
एएसपी ने छात्रों से पढ़ाई के लिए केवल ऑनलाइन माध्यमों पर निर्भर न रहने और आधुनिक सुविधाओं के साथ लाइब्रेरी का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने शॉर्टकट के बजाय विषय की मूलभूत अवधारणाओं को समझने पर जोर दिया। इंटरनेट और मोबाइल का उपयोग समझदारी से करने तथा किसी के बहकावे में आकर गलत कार्य नहीं करने की सलाह दी।
साइबर अपराध से बचाव की दी जानकारी
व्याख्यान के दौरान साइबर अपराध से बचाव के उपायों, साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 और उत्तर प्रदेश पुलिस की नागरिक सेवाओं से संबंधित यूपी कॉप (UPCOP) एप की जानकारी दी गई। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री खोजने, शेयर करने या लाइक करने से बचने तथा डिजिटल माध्यमों का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने के लिए छात्रों को जागरूक किया गया। छात्रों ने विभिन्न विषयों पर मुख्य अतिथि से सवाल किए, जिनका उन्होंने सरल ढंग से जवाब दिया। प्रेरक व्याख्यान के बाद विद्यार्थियों ने अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी निष्ठा और लगन से मेहनत करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. सुरेंद्र कुमार, डॉ. मनोज कुमार सिंह, डॉ. अभिजीत सिंह समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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