विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर शुक्रवार को विकास भवन सभागार में भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। वर्ष 1947 में देश के विभाजन के दौरान विस्थापन और अपनों को खोने की पीड़ा झेलने वाले परिवारों को सम्मानित कर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में विभाजन की त्रासदी पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई और प्रदर्शनी के माध्यम से उस दौर की घटनाओं एवं स्मृतियों को याद किया गया। विस्थापित परिवारों के परिजनों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में राज्य मंत्री जल शक्ति रामकेश निषाद और सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने विभाजन के दौरान विस्थापित हुए परिवारों के परिजनों को पुष्पमाला, शॉल और बुके भेंटकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में गुरुद्वारा महंत अमर भगत सिंह, अवधेश कपूर, मोतीलाल वानी, प्रेमचंद आहूजा, हरि सचदेवा, महेश, हरीश, राजकुमार लालवानी, नूतन दास, सुरेश मूलचंद्र, सुरेश आहूजा, परशुराम लालवानी, श्याम आहूजा और गोपीचंद लालवानी सहित अन्य लोग शामिल रहे। विभाजन की पीड़ा से सीख लेने का आह्वान
राज्य मंत्री रामकेश निषाद ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस इतिहास के उस पीड़ादायक दौर की याद दिलाता है, जब लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़कर विस्थापन का दंश झेलना पड़ा। अनेक परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया और असहनीय पीड़ा झेली। उन्होंने कहा कि विस्थापित परिवारों ने विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए अपने जीवन को दोबारा खड़ा किया और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि विभाजन की पीड़ा से सीख लेते हुए देश की एकता, अखंडता, सामाजिक समरसता और भाईचारे को मजबूत करना सभी की जिम्मेदारी है। परिवारों और रिश्तों के बंटवारे की भी थी पीड़ा
सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने कहा कि 14 अगस्त इतिहास का ऐसा पन्ना है, जिसे याद कर हृदय द्रवित हो जाता है। विभाजन के दौरान लाखों लोगों ने घर, परिवार, संपत्ति और अपने प्रियजनों को खो दिया। यह केवल देश की सीमाओं का विभाजन नहीं था, बल्कि परिवारों, रिश्तों और भावनाओं के बंटवारे की भी असहनीय पीड़ा थी। उन्होंने कहा कि विभाजन में जान गंवाने वाले ज्ञात-अज्ञात लोगों को श्रद्धांजलि देना और उनके संघर्ष को याद रखना जरूरी है। देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
अमर भगत ने साझा कीं विभाजन की यादें
गुरुद्वारा महंत अमर भगत ने विभाजन के दौर की स्मृतियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज ने कठिन परिस्थितियों में मेहनत, संघर्ष और समर्पण के साथ अपना जीवन दोबारा स्थापित किया और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने नई पीढ़ी से इतिहास से सीख लेने और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने का आह्वान किया। लघु फिल्म और प्रदर्शनी से दिखाई त्रासदी
कार्यक्रम में विभाजन विभीषिका से संबंधित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद विभाजन से जुड़ी प्रदर्शनी का जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने अवलोकन किया। प्रदर्शनी के माध्यम से वर्ष 1947 की त्रासदी, विस्थापन और उस समय के संघर्षों से जुड़ी स्मृतियों को लोगों तक पहुंचाया गया। विकास भवन से महाराणा प्रताप चौक तक निकली मौन यात्रा
कार्यक्रम के बाद विकास भवन से महाराणा प्रताप चौक तक विभाजन विभीषिका स्मृति मौन यात्रा निकाली गई। यात्रा में शामिल लोगों ने विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। मौन यात्रा के माध्यम से शांति, सद्भाव, एकता, अखंडता और भाईचारे का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी अमित आसेरी, जिला मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पांडेय, जिला भाजपा अध्यक्ष कल्लू सिंह राजपूत सहित नगर पालिका एवं नगर पंचायत अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और विभाजन के दौरान विस्थापित परिवारों के परिजन मौजूद रहे।