गुरसराय थाने में पॉक्सो और छेड़खानी के मामले में लाए गए पुजारी ने सोमवार सुबह थाना परिसर में फंदा लगाकर जान देने का प्रयास किया। पुलिसकर्मी आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां हालत गंभीर होने पर झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने मामले की जांच एसपी देहात को सौंपी है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही है।
झांसी जनपद के गुरसरांय थाना क्षेत्र के सिंघार गांव निवासी राजेंद्र गांव के ही राधा-कृष्ण मंदिर में पुजारी थे। उनके खिलाफ पॉक्सो और छेड़खानी के आरोप में मामला दर्ज हुआ था। इसी मामले में उन्हें गुरसराय थाने लाया गया था। सोमवार सुबह उन्होंने थाना परिसर में गमछे का इस्तेमाल कर फंदा लगा लिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मियों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक के बेटे ने आरोप लगाया कि उनके पिता पर लगाए गए आरोप गलत थे। उनका कहना है कि पिता इन आरोपों को सहन नहीं कर सके। बेटे के अनुसार, वह रात में थाने में अपने पिता से मिला था और उस समय वह ठीक थे। सोमवार सुबह करीब सात बजे थाने पहुंचने पर उसे घटना की जानकारी हुई। एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि गुरसराय थाने से बुजुर्ग के गमछे से जान देने के प्रयास की सूचना मिली थी। मामले की जांच एसपी देहात को सौंपी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।