वर्ष 2018 में जानलेवा हमला करने के मामले में तीन आरोपियों को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही तीनों पर कुल 23 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
मामला मटौंध थाना क्षेत्र के कस्बा मटौंध का है। 26 दिसंबर 2018 को कस्बा निवासी अखिलेश, बरदानी और शोभा उर्फ शोबरन ने रतनलाल तथा बरातीलाल पर जान से मारने की नीयत से अवैध तमंचे से फायर कर घायल कर दिया था। इस मामले में बरातीलाल की तहरीर पर थाना मटौंध में मुकदमा संख्या 147/2018 धारा 307, 504, 506 आईपीसी और 3(2)(5) एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी राजीव प्रताप सिंह द्वारा सम्पादित की गई थी। पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए अखिलेश पुत्र देवीदीन, निवासी कस्बा मटौंधबरदानी पुत्र भुलुवा, निवासी कस्बा मटौंध,शोभा उर्फ शोबरन पुत्र मुन्ना, निवासी कस्बा मटौंध को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था और घटना में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया गया था। इसके बाद थाना मटौंध में आर्म्स एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक महेंद्र द्विवेदी और विमल कुमार सिंह ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। वहीं कोर्ट मोहर्रिर आरक्षी विपुल यादव, पंकज कुमार और पैरोकार आरक्षी संदीप के अथक प्रयासों से तीनों अभियुक्तों को सजा दिलाने में सफलता मिली। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया कि अपराधियों को सजा दिलाने के लिए ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी आगे भी जारी रहेगी। वहीं सजा होने पर पीड़ित परिवार ने बेहद खुशी जताई है।