नाबालिग के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को मुठभेड़ में मार गिराया है। वहीं अन्य की तलाश जारी है।
पश्चिम बंगाल के बारूइपुर में 11 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। बीती रात पुलिस एनकाउंटर (मुठभेड़) में मामले का एक मुख्य संदिग्ध मारा गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच टीम आरोपी को घटना से जुड़े सबूतों की तलाश के लिए बारूइपुर के एक सुनसान इलाके में ले गई थी। इसी दौरान आरोपी ने पुलिस की गिरफ्त से भागने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसका एनकाउंटर कर दिया। इस भयानक घटना को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है और क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। इसी बीच, मामले के मुख्य आरोपियों में से एक को पुलिस ने बीती रात एक मुठभेड़ (एनकाउंटर) में ढेर कर दिया है। राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन इस मामले में लगातार सख्त कदम उठा रहे हैं। बढ़ते जनाक्रोश के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मंगलवार को स्वयं जमीनी हालात का जायजा लेने बारूइपुर पहुंचे थे। उन्होंने बारूइपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में पीड़िता के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और त्वरित व निष्पक्ष न्याय का पक्का भरोसा दिलाया था। इससे पहले मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से फोन पर भी बात की थी। इस दौरे पर राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजी) सिद्धनाथ गुप्ता भी उनके साथ मौजूद रहे, जहां मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर दोषियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए जो भविष्य के लिए नजीर बने। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पहले आनंद सरदार, प्रभास मंडल और दिवाकर सरदार नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बीती रात जांच टीम एक आरोपी को घटना से जुड़े सबूतों की बरामदगी के लिए बारूइपुर के एक सुनसान इलाके में ले गई थी। पुलिस के मुताबिक, वहां आरोपी ने पुलिस की गिरफ्त से भागने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा चलाई गई गोली से वह गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बारूइपुर में शनिवार को लापता हुई इस मासूम बच्ची का शव रविवार सुबह रेलवे लाइन के पास एक तालाब से बरामद हुआ था। शव मिलने की खबर फैलते ही स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गया। इस जनाक्रोश के दौरान उत्तेजित भीड़ ने एक अन्य युवक की पीट-पीटकर हत्या (मॉब लिंचिंग) कर दी, जिससे इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति और बिगड़ गई। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पीड़ित परिवार से मिलने के बाद इस मॉब लिंचिंग में जान गंवाने वाले युवक के परिजनों से भी मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया था।