बाँदा-गलत उपचार के चलते बुझ गया घर का इकलौता चिराग

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कहते हैं कि डॉक्टर भगवान का दूसरा रूप होता है। लेकिन गलत इलाज के चलते घर का इकलौता चिराग बुझ गया। आपरेशन के बाद एक युवक की हालत बिगड़ गई। कुछ देर के बाद उसकी मौत हो गई। पिता ने डाक्टर पर ईलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। मामला शहर के आवास विकास स्थित एक सर्जरी सेंटर का है। नरैनी कोतवाली क्षेत्र के छितारी पुरवा निवासी अतुल 26 पुत्र द्वारिका प्रसाद को पिछले कुछ दिनों से पेट में तकलीफ थी। जिस पर परिजनों ने आवास विकास स्थित एक सर्जरी सेंटर में इलाज करवाया। जांच के बाद डाक्टर ने आंत में दिक्कत बताई थी। 17मई को महिला सर्जन डॉक्टर ने उसका पेट का आपरेशन किया था। चार दिन तक वही भर्ती भी रखा। पिता का आरोप है कि डॉक्टर ऑपरेशन के बाद बेटे को देखने नही आते थे। नर्स ही उसका इलाज करती थी। तकलीफ होने के बाद भी उसकी कोई सुनने वाला नही था। आरोप लगाया है कि इलाज में डॉक्टर ने लापरवाही की। जिसके चलते उसके पुत्र की मौत हो गई। मृतक अपने पिता की इकलौती संतान था।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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