ट्रेनों में पत्थर फेंकना या रेलवे मार्ग को अवरुद्ध करना एक गम्भीर दण्डनीय अपराध है। इससे न केवल यात्रियों को चोट लग सकती है,बल्कि रेलवे सम्पत्ति को भी नुकसान पहुंचता है। जीआरपी एसपी ने आयोजित गोष्ठी के दौरान ट्रेन में पत्थर बाजी न किये जाने की हिदायत दी है।
पुलिस महानिदेशक रेलवे लखनऊ प्रकाश डी,पुलिस महानिरीक्षक रेलवे प्रयागराज एन कोलांची, के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक रेलवे झांसी विपुल कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में शुक्रवार को ग्राम सिमरिया मिरदहा में संयुक्त गोष्ठी का आयोजन किया गया।गोष्ठी में रेलवे ट्रैक सुरक्षा एवं पत्थर बाजी की घटनाओं से होने वाली जनहानि के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। इस तरह की घटनाएं न घटें,इसके लिए ग्राम समिति को घटनाएं रोकने हेतु निरन्तर प्रयास करने हेतु प्रोत्साहित किया गया। गोष्ठी में रेलवे ट्रैक और पत्थर बाजी से सम्बंधित जागरूकता अभियान के तहत बताया गया कि ट्रेनों में पत्थर फेंकना या रेलवे मार्ग को अवरुद्ध करना एक गम्भीर दण्डनीय अपराध है। इससे न केवल यात्रियों को चोट लग सकती है बल्कि रेलवे सम्पत्ति को भी नुकसान पहुंचता है।अभियान के दौरान अनुभाग झांसी में जीआरपी टीम द्वारा पूर्व में इस तरह की घटनाओं में संलिप्त रहे अभियुक्तों का भौतिक सत्यापन भी किया गया। पुलिस ने आम जनमानस से अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध अवस्था मे दिखे या पत्थर बाजी जैसी घटना करते हुए मिले तो तत्काल जीआरपी हेल्प लाइन नम्बर 1512 या यूपी 112 पर सूचित करें। एसपी ने थानाध्यक्ष जीआरपी को निर्देशित किया कि जीआरपी,आरपीएफ व जिला पुलिस के साथ संयुक्त रूप से गश्त करें। तथा संभ्रांत व्यक्ति तथा वालंटियरों की एक समिति बनाएं। जिससे रेलवे ट्रैक की निगरानी होती रहे। पुलिस अधीक्षक रेलवे झांसी विपुल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि ट्रेनों पर पत्थर बाजी न केवल अपराध है। बल्कि यह यात्रियों की जान के साथ ख़िलवाड़ भी है। एसपी ने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति पत्थर बाजी करेगा या रेल ट्रैक को अवरुद्ध करेगा को उसके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी। जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं और बच्चों को इसके परिणाम के प्रति सचेत करना हैं। इस गोष्ठी में पुलिस उपाधीक्षक रेलवे झांसी सलीम खान,क्षेत्राधिकारी नरैनी प्रवीण,प्रभारी जीआरपी शेरे आलम,प्रभारी निरीक्षक आरपीएफ सुरूचि द्विवेदी,एसएसआई अतर्रा अरविंद आदि मौजूद रहे।