किसी अनजान व्यक्ति से गोपनीय जानकारियां बिल्कुल साझा न करें। ठगी का शिकार होने पर तत्काल 1930 टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करने के साथ स्थानीय थाने को भी सूचित करें।
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में साइबर जागरुकता अभियान चलाया गया। लोगों को साइबर अपराधों से बचने के सम्बन्ध में जागरूक किया गया। जिसमें छात्र/छात्राओं व आमजन को साइबर क्राइम से बचाव के लिए बरती जाने वाली सावधानियों से अवगत कराते हुए ओ.टी.पी. किसी व्यक्ति को साझा न करने,अनजान वीडियो कॉल रिसीव न करने,लॉटरी / ईनाम के कॉल,मैसेज के फ्राड होने की सम्भावना होने,अनजान व्यक्ति को यूपीआई पिन न बताने,किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग एप (जैसे एनी डेस्क,क्वीक सपोर्ट,टीमव्यूवर,स्क्रीन मिरर आदि) अपने फोन में कभी भी इंस्टाल न करें। इसके साथ ही सोशल नेटवर्किग साइट पर होने वाले फ्राड की जानकारी दी गई। तथा साइबर अपराध से तत्काल सुरक्षा व शिकायत दर्ज के लिए साइबर हेल्प लाइन नम्बर 1930 के बारे में जानकारी देने के साथ साइबर फ्रॉड होने पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने हेतु गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रदान की गयी वेवसाइट www.cybercrime.gov.in के बारे में अवगत कराया गया। साइबर क्राइम से बचाव हेतु मुख्यालय द्वारा उपलब्ध करायें गये दिशा निर्देशों के अनुसार भी जागरुकता को प्रचारित किया गया।थाने पर आये जनसामान्य को तत्काल शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया एवं जनपद में स्थित साइबर क्राइम पुलिस थाना व समस्त जनपदीय थाना स्तर पर बनी साइबर हेल्प डेस्क पर तुरन्त सम्पर्क कर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गयी।समस्त प्रकार के साइबर अपराध व उनसे बचाव के तरीकों से अवगत कराया गया व बताया गया कि किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म का सुरक्षित व सावधानी पूर्वक उपयोग करें व किसी के बहकावें में न आकर अपनी फोटो व गोपनीय जानकारी कभी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। किसी भी तरीके के साइबर अपराध होने पर तत्काल नजदीकी थाने के साइबर हेल्प डेस्क पर सम्पर्क कर शिकायत दर्ज करायें।