बरेली-जायदाद की लालच में रिटायर्ड दरोगा की पत्नी कत्ल

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एलआईयू के रिटायर्ड दरोगा की पत्नी की अगवा करने के बाद हत्या कर दी गई। मुंहबोले बेटे ने वारदात को अंजाम दिया है। आरोपी ने संपत्ति की खातिर हत्या की बात कबूली है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना उत्तर प्रदेश के बरेली की है। उम्र के आखिरी पड़ाव पर धर्म-कर्म में लिप्त रहने वाली शारदा यादव मुंहबोले बेटे वरुण पाराशरी की मंशा नहीं भांप सकीं और उनकी हत्या हो गई। भरोसे का कत्ल करने वाले वरुण ने उन्हें इस कदर भावनाओं से बांध रखा था कि वह उसे अपना चौथा बेटा मानती थीं। वह सगे बेटों को भी कई बार ताना दे देती थीं कि तुमसे अच्छा तो वरुण ही है। सोमवार रात हनुमान गढ़ी मढ़ीनाथ में स्थित शारदा के घर के सामने मोबाइल की दुकान पर काफी भीड़ थी। यहां मौजूद लोगों ने बताया कि शारदा के परिवार में पति के अलावा तीन बेटे और बहुएं हैं।
शहर में ही कई रिश्तेदारियां हैं, जहां अक्सर शारदा चली जाती थीं। शायद इसीलिए दो मई को उनके लापता होने पर परिवार केवल रिश्तेदारियों में ही उन्हें तलाश करता रहा। करीबियों ने बताया कि शारदा का एक बेटा मुरादाबाद में शिक्षक है। दूसरा प्राइवेट नौकरी करता है और तीसरा घर पर रहकर पढ़ाई करता है। अक्तूबर 2025 में नगर निगम में टैक्स जमा करने के दौरान शारदा का वरुण से परिचय हुआ था। शारदा के एक रिश्तेदार ने उससे मिलवाकर कहा कि वरुण आपके परिवार के बहुत काम आएगा। इसके बाद वरुण उनके घर आने-जाने लगा। वह उनको मम्मी कहता था। उसके इस तरह के व्यवहार से शारदा के पति व बेटे अचरज में रहते थे। कई बार शारदा को टोका भी, लेकिन वह वरुण को मां जैसा ही स्नेह देती रहीं।
मंदिर जाने के बहाने आरोपी ने बुलाकर की हत्या
इंस्पेक्टर सतीश कुमार नैन ने सख्ती की तो वरुण ने बताया कि वह शारदा को अक्सर कभी मंदिर तो कभी किसी सत्संग में ले जाता था। उनके आने-जाने व खाने-पीने का बहुत ध्यान रखता था। उस दिन भी उसने शारदा से कहा था कि आप कई दिन से बांके बिहारी मंदिर नहीं गई हो, आज वहीं घुमाकर लाता हूं। चूंकि वरुण के प्रति शारदा के लगाव को घरवाले ज्यादा पसंद नहीं करते थे तो वह बैंक जाने का बहाना बनाकर चली गईं। बाद में साजिशन वरुण ने उनकी हत्या कर दी।
यह था पूरा मामला
बरेली के सुभाषनगर इलाके से दो दिन पहले लापता हुईं एलआईयू के सेवानिवृत्त दरोगा गजराज सिंह की पत्नी शारदा यादव की उनके मुंहबोले बेटे नगर निगम के संविदा कर्मी वरुण पाराशरी ने हत्या कर दी। उसने शव पीलीभीत जिले की सीमा में छिपा दिया। पुलिस ने सर्विलांस, सीसी कैमरों से कड़ियां जोड़कर वरुण को गिरफ्तार किया तो थोड़ी ना-नुकूर के बाद उसने संपत्ति की खातिर हत्या की बात कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर पीलीभीत के जहानाबाद इलाके से शव भी बरामद कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, 65 वर्षीय शारदा यादव शनिवार दोपहर 12 बजे घर से निकली थीं। उसके बाद उनका कोई पता नहीं चला तो गजराज सिंह ने सुभाषनगर थाने में रविवार दोपहर उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शारदा का मोबाइल फोन बंद जा रहा था। सर्विलांस से पता लगा कि उनका फोन पुलिस लाइन के पास बंद हुआ था। वहां के सीसी कैमरों की जांच की गई। सुराग जुटाते हुए पुलिस को बिहारीपुर कहरवान निवासी वरुण पाराशरी की भूमिका संदिग्ध लगी। इंस्पेक्टर सतीश कुमार नैन ने बताया कि वरुण के नंबर से शारदा के नंबर पर कुछ कॉल्स भी मिलीं। सोमवार को पुलिस ने वरुण को बुलाकर पूछताछ की। थोड़ी सख्ती की तो वरुण ने हत्या की बात कबूल कर ली। उसने बताया कि शारदा उसे अपना बेटा मानती थीं। अपने तीन बेटों के अलावा उसे भी संपत्ति का चौथा हिस्सा देने की बात कही थी, लेकिन हिस्सा नहीं दे रही थीं। इसी वजह से उसने उनकी हत्या कर दी।
कार में मिला खून
एसओजी टीम सोमवार शाम वरुण के घर पहुंची और उसकी कार की तलाशी ली। कार में खून बिखरा पड़ा था। साथ ही, टायर बदलने वाला पाना भी मिला। इसी से शारदा की हत्या की गई थी। पुलिस आरोपी को पीटती हुई ले गई। पुलिस टीम उसे लेकर पीलीभीत के जहानाबाद इलाके में पहुंची। वहां वरुण की निशानदेही पर झाड़ियों से शव बरामद किया गया। शारदा घर से जाते वक्त करीब ढाई लाख के जेवर पहने थीं जो गायब बताए जा रहे हैं। वृद्ध महिला से मां का रिश्ता जोड़कर नगर निगम के संविदा कर्मी वरुण ने यह घटना की। उसने मंदिर में दर्शन कराने के बहाने वृद्धा को बुलाया और कार में उनका कत्ल कर दिया। फिलहाल उसने संपत्ति के लालच में हत्या की बात कबूली है।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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